Home मेरी कवितायेँ इशारों में जब अपने पास बुलाओगी

इशारों में जब अपने पास बुलाओगी

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“एक दिन कहने लगी कोई भी वादा तुम आज मुझसे मांगो मैं उसे पक्के से निभाऊंगी मैंने कहा :
यूँ तुम मुझे कभी छोड़ के फिर न जाना
यकीन मानो तुम्हारी खूबसूरत आँखों को
फिर न दूंगा कभी रोने का कोई बहाना,
आँखों में आंसू न कभी आने दूंगा
चाहे तुम चाँद मांग लेना मुझसे
कैसे कंही से भी मैं तुमको ला दूंगा,
गरूर हो तुम मेरा तुम टूटने न दोगी
ये मेरा तुमसे बड़ा अनुमान है
अब तुम पर भरोसा है इतना कि
मेरी आशिकी पर मुझे अभिमान है ,
वादा करो मेरा हमेशा साथ निभाओगी
टूट कर इंतज़ार रहेगा उस दिन का
हौले से इशारों में जब अपने पास बुलाओगी …”

कमल अग्रवाल