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asthma home treatment in hindi

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asthma home treatment – वैसे तो गर्मी के मौसम में अस्थमा (asthma) के मामलों में कुछ हद तक कमी हो जाती है इसलिए लोग थोड़े लापरवाह भी हो जाते है अपने इस रोग के प्रति | ऐसे में वो लोग दवाईयां समय पर नहीं लेते और जरुरी सावधानी भी नहीं रखते है और ये लापरवाही उनके लिए बाद में परेशानी का सबब बनती है जिसका अहसास उन्हें बाद में होता है वैसे लोग लापरवाही इसलिए भी दिखाते है कि उन्हें लगता है कि गर्मी में अस्थमा (asthma) के कुछ ट्रिगर (triggers) ( कारक) हवा में उपस्थित नहीं होते जबकि ऐसा नहीं है कुछ अन्य ट्रिगर (triggers) भी है जिनकी उपस्थिति हवा में पहले से कंही अधिक बढ़ जाती है जैसे कि वायु प्रदुषण , पराग कण ,धूल आदि की presance पहले से हवा भी बढ़ जाती है गर्मी और कूलर के अधिक प्रयोग से पैदा हुई नमी भी अस्थमा (asthma) में ट्रिगर (triggers) की तरह काम करती है इसलिए अन्य मौसम की तरह ही गर्मी के मौसम में भी कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाना आवश्यक होता है और इस बारे में कुछ जरुरी जानकारियों पर आज हम बात करते है –

Know about asthma home treatment in hindi

क्या है अस्थमा (asthma) – सबसे पहले अस्थमा (asthma) है क्या इसके बारे में सही से जानते है असल में यह एक श्वसन मार्ग से सम्न्धित एक रोग है जिसमे पीड़ित व्यक्ति के लिए साँस लेना भी दूभर हो जाता है क्योंकि नाक से फेफड़ों तक जाने वाली नलिकाएं फूल जाती है जिसकी वजह से साँस लेने में भी परेशानी होने लगती है | अस्थमा (asthma) के कुछ ट्रिगर (triggers) होते है जिनसे सम्पर्क  में आने के बाद साँस की नलिकाएं फूल जाती है वो एलर्जन होते है और हमारा शरीर उनके लिए प्रतिक्रिया करता है इसका कोई भी स्थायी इलाज (treatment) नहीं है जबकि कुछ चीजों का परहेज करके ही इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है और इसके ट्रिगर (triggers) यानि के कारकों से बचकर ही इसे नियंत्रण वाली स्थिति में रखा जा सकता है अन्यथा यह रोग तब तक ही नियंत्रण में रहता है जब तक रोगी सावधानी बरत रहा होता है |

asthma home treatment
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अस्थमा (asthma) होने के कारण क्या है – अस्थमा (asthma) होने का कोई निश्चित कारण नहीं है लेकिन स्टडीज से ये पता चलता है कि पर्यावरण प्रदूषण ,आनुवंशिक कारण और ठंडी हवा और मानसिक तनाव की वजह से ये हो सकता है और साथ ही खोज से ये पता चला है कि विपरीत वातावरण में चार से पांच मिनट साँस लेने से अस्थमा (asthma) के लक्षण दिखाई दे सकते है |

अस्थमा (asthma) के लक्षण – कोई विशेष लक्षण नहीं होते है और व्यक्ति विशेष के साथ हो रही परेशानी के अनुसार ये बदल सकते है लेकिन फिर भी कुछ सामान्य लक्षण है जिनसे समझा जा सकता है जैसे कि साँस लेने में समस्या होना और रात को सोते समय और सुबह सुबह कफ की शिकायत होना ,साँस उखड़ना साँस लेते समय फेफड़ों का आवाज करना ,खांसी होना | ध्यान देने वाली बात ये है कि शुरू शुरू में ये लक्षण मौसम के बदलाव के कारन भी हो सकते है लेकिन समय पर सही से ध्यान नहीं देने की वजह से ये लक्षण लम्बे समय के लिए हो सकते है |

अस्थमा (asthma) में गर्मी के मौसम का प्रभाव – गर्मी के मौसम में अस्थमा (asthma) के लक्षणों में कमी देखने को मिलती है क्योंकि रोगी का अधिकतर समय अगर बाहर बीतता है तो शरीर अधिक सक्रिय रहता है और ऐसे में इनडोर एलर्जन का एक्सपोसर कम हो जाता है जिसकी वजह से रोगी बेहतर महसूस करता है |

इसके अलावा सर्दियों में आने वाली परेशानिया जैसे कि ठण्ड की वजह से जुकाम और फ्लू के चपेट में आने की सम्भावना कम हो जाती है जिसकी वजह से अस्थमा (asthma) के अटैक में आने के अवसर भी कम होते है और यह मौसम रोगी के लिए बेहतर होता है वैसे तो क्योंकि गर्मी में साँस लेने वाली नली भी सिकुड़ती नहीं है या फिर बहुत का सिकुड़ती है |फिर भी गर्मियों में ध्यान रखा जाना इसलिए जरुरी है क्योंकि इलाज (treatment) से बेहतर बचाव होता है इसमें |

अस्थमा (asthma) के अटैक से बचने के उपाय – गर्मियों में कुछ खास तरह के फल में अगर आप अस्थमा (asthma) से ग्रस्त है तो आपके लिए परेशानी का सबब बन सकते है इसलिए नाशपाती .खरबूज ,तरबूज और सेब आदि फलों से भी थोडा बचाकर रहने की जरुरत है और ऐसा आप अपने लिए फलों के व्यवहार को जानकर कर सकते है क्योंकि अस्थमा (asthma) के रोगी के लिए कुछ चीजों के लिए उसका शरीर कुछ अधिक सवेदनशील होता है इसलिए अगर किसी तरह के फल और सब्जिओं से किसी तरह की कोई समस्या आती है तो उस दशा में डॉक्टर से treatment के लिए सलाह जरुर लें लें |

गर्मी में ऐसे जगह पर जाने से बचे जन्हा पर हवा दूषित हो जैसे कि अधिक ट्रैफिक होने की दशा में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है |

ऐसे ही किसी ऐरे गरे नाथू खैरे की बातों में आकर अपनी दवायों में डॉक्टर से बिना पूछे कोई बदलाव नहीं करें और जब भी घर से बाहर निकले अपने साथ दवाएं और इन्हेलर लेकर ही निकलने में अपनी भलाई समझे

रात में खिड़की और दरवाजे बंद करके सोये और AC का प्रयोग कर सकते है

अस्थमा (asthma) के रोगीओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनके बचाव का तरीका है और जिन चीजों से उनको एलर्जी है उन तमाम चीजों के बारे में उन्हें जागरूकता रखनी आवश्यक है |

ये कुछ अस्थमा (asthma) रोगी और उनके बचाव और Home treatment से जुडी जानकारी है जिनका ध्यान रखकर आप अपनी परेशानी को थोडा कम कर सकते है और साथ ही आपको ये पोस्ट कैसी लगी इस बारे में अपने विचार हमे कमेन्ट के माध्यम से जरुर दें और हमारी update Hindi में पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को Like कर सकते है |Image Source