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बंधन – Attachment hindi Story

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Attachment hindi Story –  एक दार्शनिक जा रहा था | साथ में मित्र था | उन दोनों ने क्या देखा कि सामने से एक गाय को पकडे एक मनुष्य आ रहा है जबकि गाय के गले में रस्सी का बंधन है और आदमी उस रस्सी को पकडे हुए है | दार्शनिक ने साक्षात्कार किया और अपने मित्र से पूछा अच्छा चलो बताओ ये गाय जो है वो आदमी से बंधी हुई है या ये आदमी गाय से बंधा हुआ है |

इस पर उस आदमी ने कहा कैसी मूर्ख बाते करते हो सीधी सी तो बात है ये गाय की रस्सी को इस आदमी ने पकड़ा हुआ है इसलिए गाय ही इस आदमी से बंधी हुई है गाय का बंधन आदमी से है | दार्शनिक कहा बात तो तुम्हारी ठीक है लेकिन अब ये बताओ अगर यह गाय रस्सी को छुड़ाकर भाग जाये तो ये आदमी क्या करेगा | इस पर मित्र बोला वो इसे पकड़ने के लिए इसके पीछे भागेगा | इस पर उस दार्शनिक ने कहा अच्छा ये बताओ इस स्थिति में ये बताओ आदमी गाय से बंधा है या गाय आदमी से बंधी है क्योंकि अगर आदमी भागता है तो गाय उसके पीछे नहीं भागेगी जबकि गाय भागती है तो आदमी उसके पीछे भागेगा तो बंधा हुआ कौन है बंधन किसका किस से है सोचो ?? आदमी या गाय जबकि वस्तुत: आदमी ही गाय से बंधा हुआ है उसके मोहपाश में ,आदमी का बंधन गाय से है |व्यव्हार और चिंतन में यही भेद है आदमी जब गहरे में चितन करता है तो उसे यथार्थ और भ्रम में फर्क समझ आने लगता है |