Home स्वास्थ्य Flower therapy (Naturopathy या नेचुरोपैथी ) से चिकित्सा के फायदे जानिए

Flower therapy (Naturopathy या नेचुरोपैथी ) से चिकित्सा के फायदे जानिए

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Flower therapy / Naturopathy /नेचुरोपैथी का आजकल खूब प्रयोग किया जा रहा है क्योंकि लोग आजकल मेडिकल जगत (Medical era) के विकल्पों को खोज रहे है और अधिक से अधिक उसकी तरफ आकर्षित भी हो रहे है क्योंकि प्राकृतिक विकल्प शरीर और सेहत (health) के लिए हानिकारक नहीं होते जबकि रासायनिक दवाईया (chemical medicine) जितना किसी रोग को टारगेट कर उसे खत्म करती है तो थोडा बहुत नुकसान (health loss) तो किसी न किसी रूप में हमारे शरीर का करती ही है तो लोग भी देसी या आयुर्वेदिक चिकित्सा (Ayurvedic Medicine) का महत्व समझने लगे है इसलिए आज हम प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) में बात करते है फूलों के महत्व (importance and benefits) की और इनकी उपयोगिता की –

benefits of flower therapy in hindi

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प्राचीन काल में गुलाब/rose ,जेसमीन/jasmine और लैवेंडर आदि का प्रयोग सायकोसोमेटिक समस्याओं (Psychosomatics problems) के cure के लिए किया जाता था मानसिक तनाव (Mental stress) से होने वाले शरीर पर प्रभाव जैसे एक्ने और बालो के झड़ने जैसी समस्याओं का समाधान फूलो के उपयोग से सफलता पूर्वक उपचार (treatment) किया जा सकता है | सोंदर्य जानकार ये मानते है कि चन्दन के पेस्ट में गुलाबजल की कुछ मात्र मिलाकर बड़ी आसानी से चेहरे के मुहांसों और फुंसियों को रोका जा सकता है |

बालों के लिए फूलों का उपयोग / Using flowers for hair – गुडहल के फूलों और पत्तो के इस्तेमाल से बालो की सुरक्षा की जा सकती है इसके लिए इसके फूलों और पत्तो को गर्म पानी भिगो कर दस बारह घंटे के लिए रख दें और उसके बाद पानी को निथार लें और इसके बाद जब भी आप नहाते है बालों को शैम्पू करने के बाद इस पानी का इस्तेमाल करें इस से बालों में रुसी की समस्या (dandruff problems) खत्म हो जाती है | सनफ्लावर आयल को सनबर्न की समस्या को ठीक (benefits) करने के लिए लगाया जाता है इसके लिए रोज लैवेंडर या नेरोली के तेल की पांच बूंदे 50 मिली गुलाबजल में मिलकर त्वचा पर लगा सकते है |

स्किन के लिए टॉनिक की तरह / Skin tonic – गुलाब  या सूरजमुखी के तीन चम्मच सूखे फूल या तीन मूट्ठी ताजा फूल लेकर एक बड़ी कटोरी में इसे डालें और आधा लीटर से अधिक पानी यानि के लगभग 600 ग्राम पानी को उबालकर इन फूलों पर डालें और ढककर दो घंटे के लिए छोड़ दें और ठंडा होने के बाद पानी को अलग कर लें और इसे पैक करके फ्रीज में रख दें और इसे जब चाहे आप इस्तेमाल कर सकते है यह आपकी स्किन के लिए एक टॉनिक (tonic) की तरह काम करता है |

तो यह है कुछ फूलों (flowers) के लाभ (benefits) और flower therapy से जुडी hindi में जानकारी और इसके लिए आप ध्यान रखें कि अगर आपको किसी भी तरह की परेशानी सामने आती है या एलर्जी की समस्या होती है तो आप किसी अच्छे डॉक्टर से सम्पर्क करें और हमारी वेबसाइट से और अधिक hindi में अपडेट पाने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक कर सकते है | image source