Home General Knowledge आखिर कैसे किया जाता है ब्रेनवाश जानिए विस्तार से ?

आखिर कैसे किया जाता है ब्रेनवाश जानिए विस्तार से ?

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Brainwash के बारे में बात करें तो मनोविज्ञान की भाषा में इसे ‘Thought Reform’ यानि “ सोचने का ढंग बदलना “ कहते है और मुख्य तौर पर उदाहरण के तौर पर आप चीन को ले सकते है जंहा लोग राजनीति के बारे में क्या सोचते है इसे एक गहरे प्रोपगेंडा के तहत नियंत्रित किया जाता है | “ सोचने का ढंग “ बदलने की यह प्रक्रिया “ सामाजिक प्रभाव “ के दायरे में आती है | हम सामाजिक जीवन जीते है और लोगो के साथ उठते-बैठते है जिसकी वजह से होता ये है कि अक्सर हम एक दूसरे व्यक्ति से प्रभावित होते रहते है फिर चाहे वह उसकी राजीनीतिक राय हो या किसी किताब के प्रति उसका नजरिया | अगर हमे सामने वाले के तर्क ठीक लगते है तो हम अक्सर उसके नजरिये को अपने नजरिये के तौर पर स्थापित कर लेते है और या निरंतर होता रहता है | इस पोस्ट में हम उसी बारे में थोड़ी और बात करते है –

brainwash in hindi

जैसा कि हमने जिक्र किया कि लोगो का एक दूसरे से प्रभावित होना निरंतर चलता रहता है और लोग चीजों के प्रति अपनी आस्था , बर्ताव और नजरिया लगातार एक दूसरे की वजह से बदलते रहते है | इसी को “ सामाजिक प्रभाव “ के तौर पर जाना जाता है | आमतौर पर यह तीन तरीकों के द्वारा होता है जो निम्न है –

  • अनुपालन
  • प्रोत्साहन
  • शिक्षा

अनुपालन के अंतर्गत यह होता है कि कोई प्रभावशाली व्यक्ति या उदाहरण के लिए जैसे माता पिता अपने बच्चो को कुछ चीजे करने के लिए निर्देशित करते है और उनमे बच्चो या जिसे निर्देशित किया जा रहा है उसकी व्यक्तिगत धारणाओं का कोई महत्व नहीं रह जाता है |brainwash in hindi

प्रोत्साहन अंतर्गत हम इस उदाहरण को ले सकते है कि आप अपने किसी दोस्त को किसी बात को करने के लिए कहते है और उसे कहते है कि “ ये काम करो क्योंकि तुम इस से बेहतर महसूस करोगे | “

शिक्षा एक पारम्परिक तरीका है जिसे “ प्रोपगेंडा मेथड ” भी कहा जाता है और शिक्षा के जरिये किस तरह लोगो की राय को बदला जाता है यह आप किसी भी देश के एजुकेशन सिस्टम में देख सकते है |

अब हम बात करते है brainwash की तो असल में brainwashing का पूरा प्रोसेस इसी प्रक्रिया यानि “ सामाजिक प्रभाव “  का कठोर रूप है जिसमे पीड़ित व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध एक कंट्रोल्ड वातावरण को तैयार करके इन तीनो तरीकों से उसके सोचने के ढंग को बदला जाता है |

आप brainwash का उदाहरण देखना चाहें तो आपको कोरियाई युद्ध के बारे थोडा पढना पड़ेगा क्योंकि जब चाइना और कोरिया ने युद्ध के दौरान जिन अमेरिकन सैनिकों को युद्धबंदियों के तौर पर पकड़ लिया था तो जब उन्हें युद्ध के बाद रिहा किया गया तो कुछ सैनिकों ने वापिस अमेरिका लौटने से मना कर दिया | जानकार इस घटना को समझाते हुए कहते है कि यह एक तरीके से brainwash का उदाहरण है क्योंकि जेल में रहने के दौरान उन अमरीकी सैनिकों का ब्रेनवाश कर दिया गया था |

यही आप चीन के अंदर भी देख सकते है कि वंहा की सरकार लोगो के मन में जो राय वंहा की राजनीति के बारे में बनाना चाहती है उसके लिए बहुत सी चीजों पर नियंत्रण कर लोगो को कंट्रोल्ड वातावरण दिया जाता है | इन्टरनेट से लेकर पत्रकारिता और टीवी तक पर सेंसरशिप के जरिये कण्ट्रोल किया जाता है कि लोगो को क्या दिखाना है क्या नहीं और सरकार अपनी मर्जी से उस तरह का कंटेंट मीडिया और इन्टरनेट के जरिये लोगो तक पहुंचती है जैसी छवि वह वंहा के नागरिकों के मन में बनाना चाहती है |

अब चूँकि brainwashing एक अलग स्तर की प्रक्रिया है इसके लिए बहुत से तरीके फॉलो किये जाते है और सामान्य वातावरण में यह संभव नहीं होता इसलिए इसे करने के लिए कंट्रोल्ड वातावरण का सहारा लिया जाता है | इसलिए अक्सर यह जेलों में या ऐसी जगह होता है जिसमे जिसका ब्रेनवाश किया जाता है उसकी निर्भरता पूरी तरह brainwash करने वाले एजेंट पर होती है | वह उस व्यक्ति पर अपना पूरा नियंत्रण रखता है और उसकी हर एक गतिविधि जैसे कि सोना , खाना , चीजे इस्तेमाल करने के तरीके और समय पर पूरा नियंत्रण होता है | इस तरह एक नियंत्रित वातावरण प्रदान कर व्यक्ति की पुरानी पहचान को दबा कर या समाप्त कर उसकी जगह नया व्यवहार और सोचने के तरीके को स्थापित किया जाता है |

कुछ जानकार यह मानते है कि “ हाँ brainwash करना सही स्थितियों में संभव है | ” और इसके साथ ही अलग अलग माहौल में इसकी अवधारणा अलग अलग होती है कुछ अवधारणाओं में लोगो का brainwash करते समय उन्हें यह डर दिया गया कि उन्हें शारीरिक तौर पर नुकसान पहुँचाया जा सकता है जबकि कुछ में इस तरीके को परिभाषित नहीं किया जाता | हालाँकि जानकार यह कहते है कि एक आदर्श स्थिति में ब्रेनवाश के का असर थोड़े समय तक रहता है क्योंकि पीड़ित की पुरानी पहचान ख़त्म नहीं होती है वह बस दबी हुई रह जाती है इसलिए समय के साथ साथ व्यक्ति अपनी पुरानी पहचान को अपनाने लगता है और पुराने स्वाभाव को अपनाते हुए उसका नजरिया पहले जैसा होना लगता है |

तो ये है brainwash in hindi और इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमे ईमेल कर सकते है या इस पोस्ट में अन्य जानकारी जोड़ने के लिए भी आप हमे लिख सकते है |

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