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Know about chak pujan in marriage in Hindi

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Chak pujan यानि के चाक पूजन विवाह समारोह में निभाई जाने वाली रस्मों का ही हिस्सा है जिसमे घर की महिलाएं एक तरह से कुम्हार के चाक (कुम्हार के बर्तन बनाने का पारम्परिक उपकरण) से कुछ पूजा अर्चना करती है और भारतीय परिवारों में शादी ब्याह को लेकर जो रंग Family और घरवालों पर देखने को मिलता है उतना किसी भी देश में नहीं होता और इसके कुछ धार्मिक reasons भी है और साथ ही चूँकि marriage को  पवित्र  और जन्मो जन्म का रिश्ता समझा जाता है और ऐसा समझा जाता है कि इन्सान को शादी केवल एक ही बार करनी होती है जीवन में तो न उस मौके को खास बनाया दिया जाये इसलिए दूल्हा दुल्हन को जितना इस दिन का इन्तजार होता है उतना ही चाव रिश्तेदारों और अपनों को भी होता है तो ऐसे में बहुत सारी ऐसी रस्मे भी होती है जिनके बारे में आमतौर पर हमे जानकारी नहीं होती है उनमे से एक है – चाक पूजन (Chak pujan) | तो चलिए इस बारे में थोड़ी बात करते है –

चाक पूजन के बारे में जानिए /Chak pujan in Hindi

marriage में चाक पूजन (Chak pujan) की रस्म का पारम्परिक और स्थानीय दृष्टि से बड़ा महत्त्व होता है और इसे एक खास रस्म माना जाता है | और धार्मिक नजरिये से देखें तो कुम्हार के चाक को ब्रह्मा सृष्टिचक्र भी माना जाता है क्योंकि ऐसा होता है कि जैसे कुम्हार अपने चाक के उपर मिटटी को शकल देता है बर्तन की और अन्य साधनों की उसी तरह चाक को भी नवीनता का प्रतीक माना जाता है | कलश को पूरे विश्व का प्रतीक भी माना जाता है |चाक पूजन marriage के विषम दिनों के पहले होता है जैसे 3 ,5,7  इस तरह |

chak pujan in hindi
chak pujan in hindi

कलश को इसलिए पवित्र माना जाता है क्योंकि पुराने समय में जब स्टील या लोहे के बर्तन नहीं होते तो लोग मिटटी के बर्तनों में ही खाने पीने की चीज़े और अन्य सामग्री रखा करते थे इसलिए आज भी उनका उतना ही महत्व है भले ही लोग कितना भी आधुनिक क्यों ना हो गये हो लेकिन संस्कार आज भी वन्ही है और संस्कृति भी |

चाक पूजन में घर की पांच ,सात या ग्यारह महिलाएं गीत गाती हुई कुम्हार (प्रजापति) के यंहा जाती है  और वंहा विधि विधान से पूजा करती है और थोडा local culture के अनुसार गीत संगीत भी होता है | पूजा पूरी हो जाने के बाद वो कुम्हार दम्पति को विधि अनुसार दक्षिणा और वस्त्र भेंट करती है और कलश लेकर आती है और वही कलश को गणेशजी के सामने रखा जाता है इसके पीछे विवाह संबधी धार्मिक मान्यता यही है कि चाक पूजन के बाद घर में धन धन्य की कमी नहीं होती है और सारा कार्य सकुशल होता है हालाँकि यह केवल धार्मिक पहलु ही है और हो सकता है बहुत सारे लोग इस से सहमत नहीं हो लेकिन जन्हा खुशियों की बात होती है हर कोई जो अपने पुरखों से उसने सीखा है देखा है कर लेना चाहता है बिना कोई वास्तविक आधार जाने |

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