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आप भी हो सकते है डिजिटल किडनैपिंग का शिकार

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Digital Kidnapping सुनने में एक नया वर्ड लगता है लेकिन यह है नहीं क्योंकि पूरी दुनिया में जन्हा इन्टरनेट पर निर्भरता ज्यादा है लोगो की वंहा यह पहले से होता आ रहा है लेकिन भारत में इस तरह का पहला एक केस देखने को मिला है जिसके लिए औपचारिक तौर पर शिकायत करवाई गयी है जिसकी वजह से यह मामला थोडा हाईलाइट है तो चलिए जानते है क्या होती है Digital Kidnapping और यह किस तरह आपकी लाइफ को मुश्किल में डाल सकता है आज के हमारे इस लेख में –

Digital Kidnapping Information in hindi

Digital Kidnapping असल में एक hacking करने का ही तरीका है जिसमे कुछ हैकर लाभ प्राप्त करने के लिए आपकी गोपनीय जानकारी , आपकी पहचान या गुप्त फाइल्स जो आपके काम से जुडी है वो चुरा लेते है या उन्हें आपके ही कंप्यूटर में लॉक कर देते है जिसके बदले में आपसे फिरौती के तौर पर पैसे की मांग की जाती है | यह एक तरह से किडनेपिंग ही हो जाती है जिसमे बस किसी इन्सान की जगह हैकर आपके डाटा को चुरा लेते है और बदले में पैसे की डिमांड करते है |digital kidnapping hindi information

दिल्ली में जो केस सामने आया है उसमें ऐसा हुआ कि एक संस्था के कंप्यूटर को पहले हैक किया गया और बाद में उनकी सारी फाइल्स को लॉक कर दिया गया और इसके बदले में उनसे 5 bitcoin की मांग की गयी है | आप शायद bitcoin के बारे में जानते है या नहीं इसलिए जिक्र करते है कि “ bitcoin एक तरह की वर्चुअल मुद्रा है जिसका लेन देन अक्सर गैरकानूनी तरीके से किया जाता है क्योंकि इसके लेन देन का कोई रिकॉर्ड नहीं रखता है |”  आपको यंहा जानकर हैरानी होगी कि एक बिटकोइन की कीमत क्या है तो आपको बता देते है एक बिटकोइन की कीमत है करीब 38905 (आज के दिन की ) और जिन जनाब का कंप्यूटर हैक करने फाइल्स लॉक की गयी है उनसे 5 बिटकोइन की मांग की गयी है | काफी बड़ी रकम है लेकिन उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत कराई है देखते है क्या होता है |

क्या आपको खतरा है digital kidnapping से  ? – जी हाँ बिलकुल है ! अगर आप कंप्यूटर का इन्टरनेट के लिए सक्रिय इस्तेमाल करते है और अगर किसी भी अनजान sites से यह टोरेंट से मेलेशीयस सॉफ्टवेर डाउनलोड करते है या फिर आपको क्रैक सॉफ्टवेर डाउनलोड कर इस्तेमाल करने की आदत है तो कोई गारंटी नहीं है कि आपके कंप्यूटर में किसी सॉफ्टवेर का मॉडिफाइड वर्शन डाउनलोड हो जाये जिसमे मैलवेयर या आपके कंप्यूटर से डाटा चुराने वाला सॉफ्टवेर भी शामिल हो | क्योंकि टोरेंट वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति अपना कंटेंट डाउनलोड कर सकता है ऐसे में हो सकता है किसी हैकर का बनाया गया प्रोग्राम अपने डाउनलोड कर लिया हो | ऐसे में होता यह है कि हैकर आपके कंप्यूटर से आपकी पहचान से जुड़े , गोपनीय फाइल्स आदि चुराने की कोशिश करते है फिर आपको धमकी देते है कि वो इसका गलत इस्तेमाल करेंगे अगर उन्होंने इच्छित रकम जिसकी मांग की गयी है नहीं दी तो इसलिए digital kidnapping खतरनाक होती है क्योंकि आपकी पहचान का किसी भी तरीके से वो गलत इस्तेमाल कर सकते है | इसमें भी एक समस्या है क्योंकि आप सामने वाले को जानते नहीं है और हो सकता है hacking किसी दूसरे देश से की गयी हो और अपने अगर एक बार पैसे दे भी दिए तो ऐसा भी नहीं है वो आपके डाटा का गलत इस्तेमाल नहीं करेगा |

इसलिए इन्टरनेट इस्तेमाल करते समय थोडा सतर्क रहिये केवल भरोसे वाली websites पर ही access करें और अपने कंप्यूटर के एंटीवायरस को हमेशा update रखें | तो ये है  Digital Kidnapping Information in hindi

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Image Source – demo