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आँखों की बीमारियाँ होती है इस तरह की

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Eyes हमारे शरीर में कुछ खास अंगो में से है जिनकी वजह से हम दुनिया से interact  कर पाते है और दुनिया को महसूस कर पाते है और साथ ही इतनी खूबसूरत nature को देख पाते है और दुनिया की सुन्दरता ,खुबसूरत लड़कियां और दुनियाभर की खूबसूरती को निहार पाते है लेकिन जब आँखों के कुछ भी health से related issue होता है तो मेरे ख्याल से आप कभी नहीं चाहेंगे कि आप ऊपर में से किसी बातों के अहसास को खो दें इसलिए जरुरी है problem चाहे छोटी हो या बड़ी आपको सही मायने में शुरू से ही किसी भी health problem के बारे में उसके कारण और लक्षण पर काम करना शुरू कर देना चाहिए और सही समय पर problem को समझ कर उसका proper ट्रीटमेंट लेने की कोशिश करनी चाहिए और eyes के मामले में तो कुछ भी हल्के में नहीं लेना चाहिए और आँखों में अगर कुछ problem है तो आप उनमे होने वाले बदलावों को भांपकर किस तरीके की diseases है इसका अंदाजा लगा लेना चाहिए और तुरंत doctor से सम्पर्क करना चाहिए तो चलिए इस बारे में कुछ और बात करते है –

eyes diseases in hindi

काला मोतिया – अगर आपकी eyes में शाम के समय या लम्बे समय तक दर्द और भारीपन महसूस होता हो और साथ ही eyes में रंग में भी बदलाव आ गया हो और वो हलके लाल रंग को show करती हो तो आपको कला मोतिया होने की आशंका हो सकती है और ऐसे में जल्द से जल्द आप अच्छे जानकर doctor से सम्पर्क कर लें |

allergy – हमारा शरीर कई तरह की चीजों के लिए स्वेंद्शील हो सकता है और यह हमारे lifestyle पर निर्भर करता है कि ऐसा हो जाता है और इसी तरह eyes में भी मौसम या किसी और वजह से allergy हो सकती है लेकिन यह उतना चिंता का विषय नहीं है आप elegy के कारण और कारक को जानकर इस से बच सकते है या अधिक problem  और लम्बे समय तक problem होने पर आप अच्छे doctor से भी सम्पर्क साध सकते है |

eyes problems in hindi
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आईराईटिस – कई बार अचानक लगी किसी चोट की वजह से या किसी असाध्य लम्बे समय तक होने वाले रोग की वजह से eyes में कमजोरी आ जाती है और eyes के पीछे वाले परदे पर आपको सूजन की problem का सामना करना पड़ सकता है और साथ जलन और भारीपन की शिकायत भी होती है कितनी जलन होती है या किसी बड़ी problem है यह रोग की तीव्रता पर निर्भर करता है | इसमें eyes का रंग भी बेंगनी हो जाता है और इस problem को आईराईटिस के नाम से medical era में जाना जाता है |

गुहेरी – यह किसी को भी हो सकता है और जन्हा तक मैंने देखा है इसका कोई specif reason भी नहीं है प्रदुषण और इन्फेक्शन की वजह से आंख के अन्दर या बाहर फुंसी हो जाती है और यह कभी कभी भयंकर दर्द भरी होती है और दर्द की तीव्रता निर्भर करती है यह हुई कन्हा है क्योंकि अगर आँख के अंदर के भाग पर हुई है तो आपको eyes को बंद करने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है और अगर बाहर होती है तो थोडा दर्द कम होता है लेकिन होता तो है क्योंकि आँख एक सवेंद्शील अंग है और थोड़ी सी भी परेशानी आपका पूरा दिन खराब कर देती है और daily life भी क्योंकि दर्द की वजह से आप बहुत सारे काम नहीं कर पाते है |

ब्लिफरिट्स – यह eyes की पलकों के किनारे इन्फेक्शन होने की वजह से होता है जब सूखापन ,खिंचाव , सूजन , और आँखों को खोलने और बंद करने भी आपको परेशानी का सामना करना पड़े तो दर्द भी महसूस हो तो हो सकता है आप इस problem से ग्रस्त हो इसलिए कोताही नहीं बरते आप अपने doctor को फ़ोन करें और उनसे appointment fix करें |

कुछ बातें जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए –

  • एक तो प्रदुषण की सबसे बड़ी problem है और तब तो और भी बुरा हाल हो जाता है जब गर्मी का मौसम होता है त्वचा झुलसा देने वाली गर्मी में आपकी eyes पर बहुत बुरा असर पड़ता है |
  • धूप में बाहर निकलते समय हमेशा धूप का चश्मा पहनके ही बाहर निकलें |
  • घर आते ही चेहरे को धोते समय eyes में भी ठन्डे पानी के छींटे मार लें |
  • साफ और स्वच्छ और ठन्डे पानी में आप अपनी eyes को रोज सुबह और शाम धोलें |

treatment लें –

Diseases और लक्षण के अनुसार आप देख सकते है और अंदाजा लगा सकते है आपको किस तरह की परेशानी है लेकिन इस बात का ध्यान रखे कि घर के वैद नहीं बने और हमेशा अच्छे doctor की सलाह लें लें क्योंकि वो आपके लक्षणों के अनुसार आपके लिए best treatment कर सकते है

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