Home मेरी कवितायेँ फिर यूं कैसे जता रही हो ??

फिर यूं कैसे जता रही हो ??

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क्यों नाराजगी दिखा रही हो

लगता है मुझे मना रही हो ,

एक अरसे से उलझा हूँ

तुम्हारी ये जुल्फों की घटाओं में

फिर क्यों मुझे सता रही हो ,

मैं तो हमेशा से तुम्हारा हूँ

प्यार है तुम्हे मुझसे जानता हूँ

फिर यूं कैसे जता रही हो …”

कमल अग्रवाल