Home फ़िल्मी नामा गब्बर इज बेक (gabbar is back) फिल्म की कहानी

गब्बर इज बेक (gabbar is back) फिल्म की कहानी

SHARE

गब्बर इज बेक (gabbar is back) 1 May 2015 को Release हुई एक social फिल्म है जो युवाओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने को प्रेरित करती है और साथ ही इसमें सबसे चहेते bollywood के अभिनेता अक्षय कुमार (Akshya Kumar) ने lead रोल किया है जो कि एक कॉलेज में पढ़ाने वाले फिजिक्स के प्रोफेसर है और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम शुरू करने के पीछे जो उन्हें प्रेरणा मिली वो है उनकी जिन्दगी में एक बिल्डर की वजह से उनके परिवार का और उनकी पत्नी (Kareena) का एक दुर्घटना में उन्हें खो देना और इसके बाद वो तमाम तरह के सबूतों के साथ हर सरकारी विभाग जन्हा उनकी सुनी जा सकती है अप्रोअच करते है लेकिन पैसे के दबाव के चलते बिल्डर का कुछ नहीं बिगाड़ पाते है और गुस्से में आकार वो बिल्डर से मारपीट करते है जिसके बाद धोके से बिल्डर उन्हें अधमरा कर किसी सड़क पर फेंक देते है जन्हा कॉलेज छात्रों की एक बस उन्हें रास्ते से उठाकर उनकी जान बचाते है | उसके बाद वो कॉलेज में पढ़ाते हुए ही अपनी एक टीम तैयार करते है जो गुपचुप तरीके से उनके मिशन को अंजाम देने के लिए उनकी सहायता करती है |

गब्बर इज बेक (Gabbar is Back)  फिल्म की स्टोरी

लेकिन कहानी (Story) शुरू होती है गब्बर (Gabbar) के रूप में अक्षय कुमार (Akshya Kumar) जो है वो सारे सरकारी अधिकारीयों की लिस्ट बना रहे होते है जो भ्रष्ट होते है और एक एक करके दस तहसीलदारों को उठवा लिया जाता है जिस से पुलिस महकमे में पूरा हडकंप मच जाता है और अगले दिन ऐसा होता है कि गब्बर (Gabbar) की एक सीडी मार्किट में release होती है जिसमे अक्षय कुमार यानि के गब्बर (Gabbar) की आवाज होती है जो सारे भ्रष्ट अधिकारीयों को चेतावनी देते है कि अब उनका समय नहीं रहा है और या तो वो रिश्वत लेना छोड़ दें और या तो मरने के लिए तैयार हो जाएँ  और साथ ही उनमे से एक तहसीलदार एक चौक पर अपनी भ्रष्ट फाइल रिकॉर्ड के साथ फंसी के फंदे पर लटकता हुआ मिलता है ऐसे में तमाम पुलिस महकमे और साथ ही भ्रष्ट अधिकारीयों में हडकंप मच जाता है और लोग रिश्वत लेने से डरने लगते है |

gabbar is back story in Hindi
gabbar is back story in Hindi

फिर कहानी (Story) में सेक्सी और शानदार श्रुति हसन अक्षय कुमार (Akshya)की जिन्दगी में कुछ इस तरह आती है कि एक गर्भवती  महिला को हॉस्पिटल लेजाना होता है और अक्षय कुमार (Akshya)उसी रूट से कंही जा रहे होते है तो वो श्रुति और उस महिला को लिफ्ट देते है जबकि अधिक देर हो जाने के कारण श्रुति जो Google की बड़ी फैन है अपनी ज्ञान के आधार पर महिला का वन्ही प्रसव करवाने का निर्णय लेती है और गाडी में प्रसव करवाकर उसे हॉस्पिटल लेकर जाती है और जल्दीबाजी में हॉस्पिटल पहुँचने के बाद उसे थैंक्स कहना भी भूल जाती है जिसे वो बाद में एक जगह मिलकर baby के नामकरण पर आने के लिए अक्षय कुमार (Akshya) को invite करके जता देती है और वन्ही उनमे आँखों ही आँखों में प्यार हो जाता है फिर एक गाना और दोनों अच्छे से समय एक दूसरे के साथ बिताने लगते है और ऐसे ही एक दिन दोनों के साथ होने पर लापरवाही और फ़ोन के सड़क पर इस्तेमाल करने की वजह से श्रुति का accedent हो जाता है तो hospital में डॉक्टर बिना किसी आवश्यकता के कुछ टेस्ट इसलिए करने को कहते है ताकि उनकी आमदनी बढे और इस तरह हॉस्पिटल का तंत्र भी तरह तरह से लोगो को लूटने पर तत्पर रहता है इसलिए अक्षय कुमार (Akshya) को वंहा की एक घटना बहुत प्रभावित करती है और वो एक गरीब महिला को न्याय दिलाने के लिए डॉक्टर को सबक सिखाते है और हॉस्पिटल के MD से पचास लाख का चेक उस महिला को दिलवा देते है और नहीं देने पर उनका राज और विडियो प्रेस को देने की धमकी देते है उसके बाद चेक मिल जाने के बाद भी वो सारे सबूत और जानकारियां मीडिया में दे देते है जिसकी वजह से पब्लिक उस बिल्डर के बेटे को मार डालती है जो अभी दुबई में रह रहा होता है और जिसकी बिल्डिंग के  मानक नहीं होने के कारण ही अक्षय कुमार (Akshya) अपनी family को खो देते है जो हमने आपको ऊपर बताया उसके बाद वो बिल्डर वापस आकर अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए अक्षय कुमार (Akshya) को खोजता है तो पहचान होने पर देखता है कि यह तो वाही है जिसे उसने पांच साल पहले मार दिया था इसलिए वो अब और भी बदले की भावना से उसकी तलाश शुरू करता है लेकिन उसकी तलाश पूरी होने पहले गब्बर (Gabbar) पूरे भ्रष्ट तंत्र में अपना डर फैला चूका होता है जिसकी वजह से उस बिल्डर के कुछ प्रोजेक्ट खतरे में पड़ जाते है लेकिन कोई भी अधिकारी रिश्वत लेकर उसका काम करने को तैयार नहीं होता है | इसलिए वो इमानदार अधिकारीयों को मारना शुरू करता है ताकि उसके गलत काम हो जाने के लिए वो तैयार हो जाये और वो सबसे ईमानदार एक अधिकारी को मार भी देता है जिसकी वजह से अक्षय कुमार (Akshya)यानि कि गब्बर (Gabbar) भी अब इस स्थिति को दूर करने के लिए और अपना बदला पूरा करने के लिए उस बिल्डर को पकड़ने के लिए जाल बिछाते है |

दूसरी कहानी (Story) में मुंबई पुलिस हर बार गब्बर (Gabbar) को पकड़ने में खुद को मुश्किल में और बेबस पाती है लेकिन एक ड्राईवर जो कि बहुत ईमानदार और दिमाग वाला होता है उसकी सलाह को कोई नहीं सुनता है क्योंकि सारे बड़े अधिकारीयों को अपनी पोस्ट का बड़ा घमंड होता है वो उस ड्राईवर की बहुत ऐसी तेसी करते है लेकिन फिर भी ड्राईवर हिम्मर नहीं हारता है और वो अपने स्तर पर गब्बर (Gabbar) को पकड़ने के लिए जानकारियां हासिल करता है ताकि कभी न कभी अगर उसे अपनी बात रखने का मौका मिले तो वो गब्बर (Gabbar) को पकड सके | इसी बीच पुलिस महकमा CBI के एक बड़े अधिकारी को इस केस की जाँच के लिए नियुक्त करता है और वो पूछते है किसी के पास कोई आईडिया है तो साधू राम जो ड्राईवर होता है वो हाथ खड़ा करता है और उसे अपनी बात कहने के मौका मिलता है और उसके आईडिया से वो अधिकारी बड़े इम्प्रेस होते है और उसकी मदद से वो गब्बर (Gabbar) के बहुत करीब पहुँच जाते है लेकिन अंत तक किसी भी तरीके से वो उसे पकड़ने में सफल नहीं होते तो नेशनल कॉलेज जन्हा से गब्बर (Gabbar) का सुराग उन्हें मिलते है वंहा के छात्रो को वो गिरफ्तार कर लेते है ताकि जानकारिया हासिल की जा सके लेकिन फिर भी वो ऐसा नहीं कर पाते है क्योंकि गब्बर (Gabbar) को जनता की सहानुभूति प्राप्त होती है और लोक्रियता भी बढ़ जाती है सोशल नेटवर्किंग साईट और इन्टरनेट पर मीडिया में हर जगह गब्बर (Gabbar) ही गब्बर (Gabbar) के चर्चे होते है और उधर गब्बर (Gabbar) उस बिल्डर को उसी के घर में कैद करके उसे मार डालता है इस तरह गब्बर (Gabbar) उसे मारकर अपने परिवार को खोने का बदला पूरा कर लेता है और अंत में खुद को पुलिस के हवाले कर देता है ताकि उसके लिए पकडे गये अन्य छात्रो की रिहाई हो सके और वो अपना अपराध स्वीकार करता है जिसकी वजह से गलत रास्ते पर चलने के कारण उसे अदालत फंसी की सज़ा देती है जिसे वो हंसकर स्वीकार करता है और मरते समय भी छात्रो को संबोधित कर वो उन्हें स्टूडेंट पॉवर का अहसास करवाते है और उन्हें देश को बदलने की प्रेरणा देते है और इस तरह फिल्म खत्म होती है |

फिल्म में अक्षय कुमार कुमार (Akshya Kumar) शानदार अभिनय करते है और सेक्सी शानदार अभिनेत्री अपनी बड़ी बड़ी आँखों और प्यारी आँखों से अच्छा खासा रोमांटिक फील दर्शकों को करवा देती है और लास्ट में गब्बर (Gabbar) की फांसी के समय सिसक सिसक कर श्रुति का रोना आपको इमोशनल करने का दम रखता है | फिल्म में एक फूहड़ सा गाना और भी है जो शायद किसी मतलब का नहीं “ आओ राजा करके “ लेकिन आप टाइमपास कर ही सकते है और थोड़ी देर ठुमके वगेरह देखकर दिल बहला सकते है | सो पूरी कहानी (Story) और कुछ छूटे हुए अनुभवों को जानने के लिए आप पूरी फिल्म देख सकते है | साथ ही आप भंवरी प्रकरण पर आधारित फिल्म डर्टी पॉलिटिक्स की स्टोरी भी पढ़ सकते है यंहा क्लिक करें  

well मैं बॉलीवुड के किरदारों में से किसी के नाम सही से नहीं जानता हूँ इसलिए कहानी (Story)की सत्यता के अलावा किसी भी किरदार के सही नाम की जिम्मेदारी नहीं लेता हूँ आप अपने कमेन्ट के द्वारा अगर कुछ छूटा है तो उसकी जानकारी दे सकते है और हमारी अपडेट पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक कर सकते है | Image Source