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अच्छा या बुरा महाभारत की एक हिंदी कहानी

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किसी का अच्छा (Good) या बुरा (bad) होना केवल ऐसा ही नहीं है जो उसके स्वाभाव पर ही पूरी तरह निर्भर करता हो इसमें एक कारक और भी होता है वो है हमारा किसी को भी देखने का नजरिया और यह काफी हद तक हमारे चरित्र और स्वाभाव पर भी निर्भर करता है इसलिए इस बारे में महाभारत में एक कहानी (Story) प्रचलित है शायद अपने सुनी भी होगी तो चलिए उस शिक्षाप्रद कहानी (Story) के बारे में पढ़ते है –

Good and bad hindi story

Good and bad hindi story
Good and bad hindi story

पांड्वो और कौरवों को शिक्षा देने वाले एक ही गुरु थे वो थे गुरु द्रोण और एक दिन आचार्य अपने शिष्यों को शिक्षा दे रहे थे कि उनके मन में उनकी परीक्षा लेने का विचार आया तो उन्होंने दुर्योधन को बुलाया और उस से कहा कि वत्स एक काम करो तो जाओ और मुझे किसी अच्छे आदमी की खोज करो और उसके बारे में आकर मुझे बताओ और हो सके तो उस व्यक्ति को मेरे सम्मुख प्रस्तुत भी करो | दुर्योधन कुछ दिन के बाद लौटकर आया और जवाब दिया – आचार्य मेने पूरे ध्यान और मन से खोज की पर मुझे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिल सका जो अच्छा (Good) हो और मैं आपके सामने उसे प्रस्तुत कर सकूं |

इस पर आचार्य ने इस बार युधिष्ठिर को बुलाया और उस से कहा कि- वत्स तुम एक काम करो कुछ दिन के भ्रमण पर जाओ और मुझे कोई बुरा (bad) आदमी खोज कर मेरे सामने उसे प्रस्तुत करो | थोड़े दिन के बाद युधिष्ठिर वापिस लौटकर आये और उनसे कहा – आचार्य मैंने कई नगरो और गावों का भ्रमण किया लेकिन मुझे कोई भी ऐसा इन्सान नहीं दिखा जो बुरा (bad) हो और मैं आपके सामने उसे प्रस्तुत करूँ |

इस पर शिष्य बड़े हैरान हुए और बोले आचार्य ऐसा कैसे संभव है दुर्योधन को कोई अच्छा (Good) नहीं मिला और युधिष्ठिर को कोई बुरा (bad) व्यक्ति नहीं मिला | इस पर द्रोण ने कहा कि वत्स ऐसा होता है कि सबसे पहले हम जब किसी के बारे में देखते है तो उसे उस नजर में देखते है जैसे हम खुद है उसके बाद हम किसी कारक पर सोचते है और यही वजह है कि दुर्योधन को कोई अच्छा (Good) व्यक्ति नजर में नहीं आया और उसके ठीक उल्टा युधिष्ठिर को कोई भी बुरा (bad) व्यक्ति नजर में नहीं या केवल अपने अपने नजरिये का फर्क है तुम दुनिया को जिस तरीके से देखना चाहते हो एकबारगी आपको वो उसी तरीके से दिख जाती है |

तो आम जिन्दगी में भी हम इन्सान यही करते है केवल किसी के बारे में पहले से जब हम कोई राय बनाते है तो उसके अच्छे या बुरे होने में हमारे खुद के नजरिये का भी बहुत महत्व होता है | यह कहानी (Story) हमे यही सिखाती है | और अधिक hindi कहानियां पढने के लिए यंहा क्लिक करें और हमारी वेबसाइट से hindi में update पाने के लिए आप हमारे facebook page को like कर सकते है | image source