Home Short Stories स्वर्ग यंहा नरक यंहा – Heaven and hell are here hindi story

स्वर्ग यंहा नरक यंहा – Heaven and hell are here hindi story

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Heaven and hell are here hindi story -गोपाल बहुत आलसी किस्म का इन्सान था और उसके घरवाले भी उसकी इस आदत से बहुत परेशान थे क्योंकि गोपाल चाहता था कि उसे ऐसी जिन्दगी मिले कि जिसमे वो आराम से बस केवल सो सके |जो चीज़ वो चाहे वो उसे बिस्तर में मुहेया हो जाये | लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ और एक दिन उसकी मृत्यु भी आ गयी |मृत्यु के बाद वह स्वर्ग में पहुँच गया जो उसकी कल्पना से भी अधिक सुंदर था | तो उसे बड़ी ख़ुशी हुई |

तभी एक स्वर्गदूत आया और उस से कहने लगा आप इस सिंहासन पर बैठ जाएँ जो चीज़े आपको चाहिए होंगी वो यही मिल जाएगी आपको कंही जाने की आवश्यकता नहीं है | इस पर गोपाल बहुत खुश हुआ कि काश मैं पहले ही यंहा आ जाता न घरवाले कोसते न इतनी जेहमत उठानी होती | बेकार में ही धरती पर रहकर काम करना होता था लेकिन अब सब ठीक है |

अब दिन रात खूब सोता और जो भी चीज़े उसे चाहिए थी सब वंही आया करती थी कुछ दिन तो गोपाल के आराम से कटे लेकिन फिर वो उस जिन्दगी से उकता गया वह जैसे ही बिस्तर से उठने लगा दास दासी उसे रोक देते | इस तरह कई महीने बीत गये | गोपाल को आराम की जिन्दगी बोझ लगने लगी | स्वर्ग उसे बैचेन करने लगा | वह कुछ काम करके अपना एक दिन बिताना चाहता था इसलिए जब एक दिन स्वर्गदूत उसके पास आया तो उसने कहा अब मैं सब कुछ देख चुका हूँ सब कुछ भोग चुका हूँ अब मुझे कुछ भी इच्छा नहीं है मैं अब अपना समय कुछ काम करके बिताना चाहता हूँ |

स्वर्गदूत ने कहा आपको यंहा आराम करने के लिए बुलाया गया है यही आपका सपना था न यही तो आप चाहते थे | माफ़ कीजिये मैं आपको कोई काम नहीं दे सकता | निराश गोपाल बोला अब मुझे समझ आ गया है मनुष्य को काम के समय काम और आराम के समय आराम दोनों करने चाहिए | दोनों में से एक चीज़ भी अधिक हो जाये तो जीवन में नीरसता हो जाती है | सच है मेरे जैसे आलसी लोगो के लिए तो एक दिन स्वर्ग भी नरक हो जाता है |