Home मेरी कवितायेँ जीवन में कोई रंग तो है ..

जीवन में कोई रंग तो है ..

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“..जिंदगी के बेहद करीबी और खुशनुमांपलों में लिखी मेरी कुछ पंक्तियाँ…

तू है तो लगता है जैसे

जीवन में कोई रंग तो है ,

अनसुलझी सी जिंदगी मेरी

बिना मंज़िल की पतंग ही तो है ,

देखता हूँ जब तेरा ये बचपना

ये शोखियां ये नादानियां ,

तो हर एक पल में लगता है

मेरे जीने की तू तरंग ही तो है ,

मुझे ढूंढती तेरी बैचेन आँखे

तेरा महकना मेरा बहकना ,

तुझसे ही जीने की वजह मेरी

तू ही जीने की उमंग तो है,

और लोग कहते है

मैं आवारा हूँ तेरे इश्क में

तुम ही कहो मैं कैसे मान लूँ

तेरे संग जीने का ये हुनर ही तो है

तू है तो लगता है जैसे

जीवन में कोई रंग तो है…”

कमल अग्रवाल