Home जीवनी यीशु (जीसस) कौन थे जानें – Jesus in Hindi life Story

यीशु (जीसस) कौन थे जानें – Jesus in Hindi life Story

SHARE

Jesus in Hindi life Story – बाईबल भी दुनिया के सबसे प्राचीनतम धर्मग्रंथो में से एक है और पूरी बाइबिल जिस पात्र के चरित्र और जीवन के बारे में लिखी गयी है वो महत्वपूर्ण पात्र जीसस है जिनको हिंदी में लोगों  ने ‘यीशु’ के नाम से भी जाना है जिसका कि अर्थ होता है “उद्धार कर्ता ” या ” उद्धार करने वाला ” और बाईबल के अनुसार वो परमेश्वर के पुत्र थे और परमेश्वर ने ही मनुष्य के रूप में पृथ्वी पर जन्म लिया जब धरती पर पाप बढ़ गया ताकि वो उन सभी पापी लोगो के उनके पाप क्षमा के लिए बलिदान हो सके और मानवता परमेश्वर के प्रकोप से बच जाये |यंहा बलिदान होने का कुछ कुछ मतलब हम उस तरीके से ले सकते है जैसे हिन्दू धर्म में एक देवी के लिए बकरा चढाने की प्रथा है इसलिए कि उनका ऐसा मानना है कि हमारे पाप के बदले हम क़ुरबानी देते है और वो क्षमा हो जाते है | और इसी वजह से कई बार बाइबिल में भी यीशु को ‘परमेश्वर का मेमना ” नाम से संबोधित  किया गया है | (see John 1:29)

यीशु के बारे में अगर सरलता से बात करे तो उनका जन्म गलील नाम के प्रदेश के एक नगर नासरत में कुंवारी लड़की मरियम से हुआ जिनको आज हम Mother Marry के नाम से भी जानते है और यही वजह है कि वो बाद में ‘यीशु नासरी’ के नाम से भी जाने गये और उन्होंने जन्म के बाद से पूरे तीस वर्षो तक एक आम जीवन जिया और शारीरिक और मानसिक तौर पर विकसित हुए तथा नगर के विभिन्न आराधना गृहों में जाकर पुस्तकों और साहित्य को पढ़ा |

उसके बाद उन्होंने मानव सेवा और परमेश्वर का सन्देश लोगो तक पहुँचाने का कार्य शुरू कर दिया और वो आगे के साढ़े तीन वर्षो तक ये करते रहे जब तक कि उनको सूली पर नहीं चढ़ा दिया गया | लिखा गया है कि यीशु ने उन साढ़े तीन वर्षो की अवधि में बहुत से चमत्कार किये उन्होंने बीमारों को प्रार्थनाओ के जरिये स्वस्थ किया और जिन लोगो में दुष्ट आत्माएं या यूँ कहे बुरी आत्माएं होती तो वो भी उन्होंने लोगो को उनसे मुक्त किया और बाइबिल में एक कहानी है जो लाजर नाम के एक व्यक्ति को फिर से जिन्दा कर देने के उनके चमत्कारिक कार्य का वर्णन करती है |

उन्होंने सेवा काल के दौरान कुल बारह चेले बनाये थे जिन्होंने उनके जाने के बाद उनके द्वारा सेवाकार्य को जारी रखा और उनकी शिक्षा को पूरी दुनिया में पहुँचाया लेकिन ये भी एक सच है कि अंत समय में उन्ही के चेलो में से किसी एक ने उन्हें राजा के हाथ पकडवा दिया और उन्हें देश के लोगो को भड़काने के इल्जाम में दोषी ठहराया गया बड़ी निर्ममता से सूली पर लटकाया गया और बाइबिल कहती है मरने के तीन दिन बाद वो जी उठे थे और फिर वो कुछ दिन और चेलों के साथ रहे  |

आपको बता दूँ पूरी बाइबिल दो भागो में लिखी गयी है जो क्रमश ‘नया नियम ‘ और ‘पुराने नियम ‘ है इनमे से पुराना नियम जो है वो यीशु के जन्म से पहले की घटनाओ और पुस्तको का संग्रह है जिन्हें उन्हें जन्म से पहले लिखा गया और नया नियम जो है वो उनके जन्म के बाद और जीवन काल के दौरान हुई घटनायों पर आधारित लिखी गयी पुस्तको का संग्रह है |

अधिक जानकारी के लिए नीचे कमेन्ट करे या जानकारी देने के लिए आप होम पेज पर जाकर अपनी जानकारी ‘submit article ‘ पर submit कर सकते है |