Home मेरी कवितायेँ जिन्दगी हार गया मैं ।

जिन्दगी हार गया मैं ।

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पहले लगा
बिना तुम्हारे इस जीवन में
खुद को ढाल गया मैं ,
पर मालूम पड़ा ये वहम था मेरा
तुम ही तुम हो
मेरी रग रग में आज भी
ख्यालों के उस पार गया
तो जान गया मैं ,
पर शायद अब
जिद ही बची मेरे प्यार में
तुम थी नहीं कंही
तभी तो…. यूँ तो
अच्छा खासा था पर
जिन्दगी हार गया मैं ।

कमल अग्रवाल