Home मेरी कवितायेँ मुझसे कभी प्यार ही न हुआ

मुझसे कभी प्यार ही न हुआ

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सोचा न था वो अनजानी
सी पहली मुलाकात
यूँ यादगार होगी
खुशियों भरे एक दौर के बाद
आंसुओं की बरसात होगी
सोचा था खो दूँगा खुद को
पर पा ही लूँगा मैं उसे
दिन ढले किसी शाम
अपना बना लूँगा उसे
उसकी बेरुखी पे यूँ एतबार न हुआ
वो कहती रही मैं सुनता रहा
आँखों में आंसू लिए कि
उसे मुझसे कभी प्यार ही न हुआ ।

कमल अग्रवाल