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काश तुम समझ पाती

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काश तुम समझ पाती कि
किस हद तक
हो तुम मेरे ख्यालों में ,
मेरे जीवन के तरानों में
कितनी शिद्दत से रमी हो
मेरे जीने के मायनो में ,
काश कि तुम समझ पाती तो
तो फलसफा जिन्दगी का
मेरा यूँ अधूरा नहीं रहता ।
वहम कहती हो तुम जिसे जीने का मेरे
क्या करू मुझसे वो एकतरफा प्यार
तुम्हारा दूर ही नहीं होता ।

कमल अग्रवाल