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lala lajpat rai in hindi Story -माता पिता के सेवक लाला लाजपत राय

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lala lajpat rai in hindi – लाला लाजपत राय बचपन से ही बड़े प्रतिभाशाली थे । बचपन में ही उहोने इतिहास और धर्म से जुडी किताबो का अध्ययन कर लिया था । इसलिए उन्हें भारतीय धर्म समाज और इतिहास के बारे में अच्छी जानकारी थी । देशभक्ति की भावना ही उनमे बचपन से इसलिए ही जाग गयी थी ।

लाला के मन में बचपन से ही यह बात घर कर गयी थी कि माता पिता की सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है लेकिन एक दिन उनके सामने परीक्षा की घडी आ भी गयी जब उनके माता पिता बीमार पड़ गये तो उनके सामने मुश्किल आ खड़ी हुई । उन्ही दिनों नौकर भी बिना बताये नौकरी छोड़ कर भाग गया । बालक लाला ने सोचा अगर ये बात माता पिता को पता चलेगी तो वो लोग चिंता में पड़ जायेंगे और उनका कष्ट भी बढ़ जायेगा इसलिए उन्होंने अपने माता पिता को कुछ भी नहीं बताने का सोच लिया । फिर क्या था लाला छोटे मोटे काम खुद अपने हाथों से करने लगे यंहा तक कि भाई बहनों को संभालना घर का सारा काम और पिता माता की सेवा में बालक लाला जुट गया । वह एक तरह से बहुत मेहनत कर रहा था लेकिन अपने चेहरे पर उसने यह भाव नहीं आने दिया ।

lala lajpat rai in hindi
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आखिर जब माता पिता अच्छे हो गये उन्होंने बालक लाला से सवाल किया कि नौकर कन्हा है तो लाला ने कहा वो तो बहुत दिन पहले से ही नौकरी छोड़ कर जा चुका है । इसका मतलब है इतने दिनों तक घर का काम और हमारी सेवा और बच्चो को तुमने संभाला ,पिता ने बालक लाला से कहा और उनका गला भर आया और तुमने अपने दुःख के बारे में हमे नहीं बताया और मौन रहकर सब काम करते रहे ।

लाला ने कहा ‘ ऐसा मत कहिये पिताजी आपकी सेवा करना मेरा परम कर्तव्य है और इसी में मेरा सुख भी है । पिताजी ने लाला से कहा मुझे उम्मीद है बड़े होकर तुम सभी दीन हीन लोगो की ऐसे ही सेवा करोगे । लाला के मन में पहले ही बचपन से ही सेवा करने की भावना जाग गयी थी प्ररम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद लाला ने लुधियाना के मिशल स्कूल से मेट्रिक परीक्षा पास की और फिर लाहौर से एफ ए और उसके बाद वकालत की परीक्षा भी पास की । वकालत के अलावा वो जन सेवा में भी भाग लेते थे इस से इनकी लोकप्रियता भी बढती गयी । फिर यही लाला स्वतंत्रता संग्राम में अमर सेनानी बने और साइमन कमीशन का विरोध करते हुए शहीद हो गये ।

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