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गलती को सकारात्मक लें और सफल बने

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Learn from mistakes Hindi – असल जिन्दगी में सफल होने के लिए हमे खुद में बहुत कुछ बदलना होता है जिस से हम बाकि लोगो से अलग होते है और इसके लिए हम कुछ ज्यादा बदलने की जरुरत नहीं होती है बस थोड़ी सी मेहनत के साथ हम खुद में ऐसे बदलाव लेकर आ सकते है जो हमे बाकि लोगो से अलग करते है चलिए इस कहानी के माध्यम से समझते है कि गलती को सकारात्मक लेना भी किस तरह से हमारे लिए चीज़े बदल देता है |

 

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गलती से सीखे जीने का तजुर्बा

(Learn From Mistakes Hindi)

दो साथ में काम करने वाले अपने अपने काम में बेहद पारंगत थे लेकिन व्यव्हार और लोगो के साथ बर्ताव करने के मामले में एक दूसरे से बहुत ही अलग थे | पहले वाले का स्वाभाव ये था कि अगर कोई उसकी गलतियाँ निकालता तो उसको भूलता नहीं था और समय आने पर वह उन लोगो से भी इसी तरह का कोई बदला ले लिया करता था | हालाँकि ऐसा नहीं था कि हमेशा उसकी गलती होती थी चूँकि वह अपने काम में निपुण था इसलिए लोग जानबूझकर उसकी गलतियां निकालते थे जैसा लोग आम तौर पर करते है लेकिन वो भी उसी तरह का व्यव्हार लोगो से कर दिया करता था | किसी दूसरे की गलती पकड़ में आते ही ठीक उसी तरह उसके लिए प्रचार कर दिया करता था जैसे दूसरे लोग ठीक उसके साथ किया करते थे |

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अक्सर वो अपने उस साथ काम करने वाले मित्र को शिकायत करता कि जब लोग हमारे लिए ऐसा करते है तो आखिर तुम भी मेरा साथ क्यों नहीं देते उनकी गलतियाँ निकालने में और जब कोई मेरी गलती निकालता है तो तुम मेरे पक्ष में भी नहीं होते | इस पर मित्र ने कहा – मैं यह नहीं कहता कि तुम गलत हो लेकिन सच ये भी है कि अगर मैं किसी दूसरे की गलतियों को पकड़ने में लगा रहा तो निश्चित ही मैं अपने ही काम में कोई न कोई गलती कर बैठूँगा | इसलिए मैं ऐसा नहीं करता हूँ |

अगर तुम बात करते हो मेरी गलती होने पर बचाव करने की तो ऐसा होता है अगर कोई मुझे इस बारे में कहता है तो मैं सबसे पहले चुपचाप सुनता हूँ और सब सुनने के बाद सोचता हूँ क्या वाकई में मेरी गलती थी अगर हाँ तो मैं उस से सीख जाता हूँ और अगर नहीं तो जाकर मैं सामने वाले को सच्चाई से अवगत करवाता हूँ इस से उसे ही शर्मिंदा होना पड़ता है और दोनों ही केस में मेरी ही जीत है तो फिर हंगामे की जरुरत ही नहीं पड़ती है और सामने वाले के मन में हमारे लिए अच्छा corner बनता है जो शोर मचाये जाने और बदले में उसकी गलतियाँ निकालने पर कभी नहीं बन सकता था | समझे ???

इसी तरह हमे भी पहले सहकर्मी मित्र की तरह “गलती ” को गलत way में नहीं लेना चाहिए बल्कि दूसरे की तरह इसे self-improvement के लिए इस्तेमाल करना चाहिए | आपको ये पोस्ट कैसी लगी इस बारे में अपने विचार हमे कमेन्ट के माध्यम से जरूर दें | updates पाने के लिए हमारे facebook पेज को Like करें |