Home प्रेरक प्रसंग Madan mohan malviya in Hindi Story – मदन मोहन मालवीय के बचपन...

Madan mohan malviya in Hindi Story – मदन मोहन मालवीय के बचपन का संस्मरण

SHARE

Madan mohan malviya in Hindi : बच्चे जैसे परिवार में जन्म लेते है उसी प्रकार के उनके प्रभाव उनपर पड़ते है । बालक मदन मोहन मालवीय एक धार्मिक परिवार में पैदा हुए जन्हा पर शुरू से ही पूजा पाठ का माहौल था और घर में साफ़ सफाई पर पूरा जोर था । खूब पूजा पाठ होता । धार्मिक कथायों और कहानियों को पढ़ा जाता सुनाया जाता ।

Madan mohan malviya in Hindi
Madan mohan malviya in Hindi

कुछ दिनों बाद एक अंग्रेजी स्कूल खुला तो घरवालों ने उन्हें अंग्रेजी स्कूल में पढने भेजा उन दिनों अंग्रेजी स्कूल में पढना शान की बात थी इसलिए घरवालों ने सोचा कि चलो अच्छा है लड़का अंग्रेजी स्कूल में पढ़ जायेगा तो अच्छी नौकरी मिल जाएगी लेकिन मदन मोहन के एक चाचा को जब ये बात पता चलो तो वो बहुत नाराज हुए क्योंकि उनका मानना था कि अंग्रेजी गुलामों की भाषा है इसलिए इसका बहिस्कार किया जाना आवश्यक है इसलिए क्योंकि उन दिनों देश में अंग्रेजो की खिलाफत चल रही थी इसलिए अंग्रेजी सीखना भी गुलामी की भाषा को सीखना माना जाने लगा । उनकी राय के अनुसार मदनमोहन संस्कृत पढ़े और बड़ा विद्वान बने इसलिए उन्होंने उसे अंग्रेजी स्कूल से हटाकर संस्कृत की पाठशाला भेज दिया गया ।

पाठशाला हो या कुछ और जगह उन्हें सख्त हिदायत दी गयी कि बाहर का न तो कुछ खाओ और न ही पियो इसलिए मदनमोहन पाठशाला में प्यासे रहते एक दिन वो इस बात से चिढ गये और घर आकर अपनी माँ से बोले कल से मैं पाठशाला नहीं जाऊंगा वंहा पर मुझे प्यासा रहना पड़ता है तो माँ ने कहा ‘क्यों किसी से झगड़ा हो गया है क्या ” इस पर उनकी माँ ने कहा “बेटा ये कौनसी बड़ी बात है कल से नौकर तुम्हारे लिए पानी ले आया करेगा ”

बालक मदनमोहन की प्रतिभा से सभी खुश थे पढाई के अलावा यो अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते थे । अपने दोस्तों के साथ उन्होंने ‘बालक दल’ नाम से एक संस्था भी बनायीं थी । यही मदन मोहन मानवीय बड़े होकर देश के महान नेता बने और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना भी की ।

आपको ये जानकारी कैसी लगी हमे इस विषय में अवश्य कमेन्ट करे ।