Home स्वास्थ्य मलेरिया होने पर ये वाला लें आयुर्वेदिक उपचार

मलेरिया होने पर ये वाला लें आयुर्वेदिक उपचार

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Malaria वैसे तो बारिश के दिनों में तेजी से फ़ैल सकने वाला एक घातक रोग है और कमाल की बात है यह एक छोटे से मछर के काटने की वजह से होता है इसके बारे में बात करते है तो नाना की मूवी का एक dialog आपको याद आता होगा कि “ साला एक मछर आदमी को हिजड़ा बना देता है |“ ऐसा लगता है यह सही भी है क्योंकि यह खतरनाक स्तर पर जाने के बाद एक जानलेवा रोग है और मछरों में भी यह मादा एनाफिलिज नाम की प्रजाति के काटने से होता है और इसे seasonal disease की श्रेणी में रखा जाता है वो इसलिए क्योंकि बीमारियाँ जो किसी मौसम विशेष में उनके संक्रमण की सम्भावना अधिक होती है उन्हें seasonal disease कहा जाता है और यह बारिश के मौसम में सबसे अधिक फैलता है क्योंकि बारिश के मौसम में ही मछरों की पनपने की सम्भावना सबसे अधिक होती है और वो पानी के ठहराव की वजह से तो चलिए जानते है आयुर्वेद के आधार पर इस रोग के symptoms और stages क्या है –

Malaria ayurvedic treatment in hindi

शीतावस्था – malaria के  symptoms  में रोगी को तेज बुखार के साथ ठण्ड लगती है और उसे 2-3 रजाई ओढने की जरुरत महसूस होती है और वो इनके ओढने के बाद भी सहज feel नहीं करता है उसे इसके बाद भी ठण्ड लगती है |

उष्णअवस्था – malaria की इस अवस्था के symptoms में रोगी के शरीर का तापमान 100 डिग्री से 105 डिग्री फार्नेहाइट तक हो जाता है और रोगी तो गर्मी के साथ साथ पूरे बदन में जलन भी महसूस होती है |

Malaria ayurvedic treatment in hindi
Malaria

स्वेदावस्था -malaria में इस अवस्था नाम के अनुसार ही आप समझ सकते है कि इसमें बुखार कम हो जाने की वजह की वह पसीने से तर बतर हो जाता है क्योंकि उसने पहले ठण्ड की वजह से बहुत सारे कम्बल ओढ़े होते है जिसकी वजह से बुखार कम हो जाने पर वो उसे भरी और गर्मी भरे लगने लगते है और वो पसीने से लथपथ हो जाता है | इसके साथ साथ उलटी बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण भी सामने आते है |

आयुर्वेदिक औषधि – malaria के लिए हम यंहा आपको दो ayurvedic प्रयोग दे रहे है जो मलेरिया में आपको राहत देंगे लेकिन फिर भी किसी भी source से चिकित्सा अनुप्रयोग पढ़कर उसे apply करने से पहले किसी ayurvedic चिकित्सक की सलाह जरुर ले लेनी चाहिए क्योंकि पहला तो यह health का मामला है दूसरा कोई भी ayurvedic चिकित्सक आपके लक्षणों को बेहतर समझ सकता है और उसी अनुरूप treatment भी कर सकता है | और ऐसे जानलेवा रोग में सही treatment बेहद जरुरी है 

  • 250 मिली पानी में 10-12 ग्राम चिरायता ,3-4 ग्राम दालचीनी ,3-4 लोंग डालकर उबाल लें | और पानी जब उबलकर 60 मिली रह जाये तो उसे दिन में तीन बार समान मात्रा यानि के 20-20 मिली करके लें |
  • 200 मिली पानी में 5-6 तुलसी के पत्ते डालकर , 2-3 लौंग और 4-5 काली मिर्च मिलकर उबाल लें और 50 मिली पानी रहने पर इसे सुबह शाम 3-4 दिन एक चम्मच शहद के साथ पियें | आपको निश्चित ही फायदा होगा |

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Image Source – Free Images