Home Uncategorized marital rape law बनाना सही नहीं है पर क्यों ??

marital rape law बनाना सही नहीं है पर क्यों ??

SHARE

marital rape law हमेशा से India में बड़ी बहस का मुद्दा रहा है कुछ लोग इसके पक्ष में है और कुछ लोग नहीं भी है जो लोग पक्ष में है उनका तर्क है कि किसी भी मामले में मानव के अधिकार सीमित नहीं होनी चाहिए उसे अपने तरीके से जिन्दगी जीने का हक है और उसकी निजता और उसकी मर्जी का सम्मान किया जाना हमेशा जरुरी होना चाहिए और किसी भी रिश्ते की वजह से खासतौर पर एक महिला (woman) के अधिकारों को उसकी स्वतंत्रता का गला घोंट देना सही नहीं है इसलिए marital rape के खिलाफ law होना चाहिए |

why Marital rape law is not reasonable in india ?

वन्ही दूसरी और कुछ लोग ये भी है जो इसके विरोध में है और उनके तर्क भी सही है कुछ हद तक वो लोग मानते है कि सबसे पहली समस्या जो है India के मामले में अलग है वो है law का दुरूपयोग होना और ऐसे में अगर कोई law बनता है तो फिर हो सकता है दहेज के law की तरह इसका भी दुरूपयोग होने लगे और जैसे की भारतीय law की बेस भावना इसी में है कि चाहे लाख अपराधी छूट जाये लेकिन एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए और ऐसे में बहुत सारे कानूनी दांवपेच है जो marital rape के खिलाफ law बनने के रास्ते में रोड़े की तरह है |

marital rape law in india
marital rape law in india

दूसरी जो एक social वजह है वो यह है कि India में पति (husband) और पत्नी (wife) के बीचे में रूठना और मानना एक तरह से मान मनुहार और प्यार के हथियार की तरह इस्तेमाल होता है | पति (husband) कई दफा कुछ चीज़े पत्नी (wife) की पसंद की नहीं करता है तो पत्नी (wife) नाराज हो जाती है और बड़े प्यार से अपनी नाराजगी के जरिये अपनी बहुत सारी बाते पति (husband) से मनवा लेती है और यह बिलकुल जायज और सही बात है कि बिना पत्नी (wife) के सहमती के सेक्स (sex) करने से बहुत सारे दुष्प्रभाव सामने आते है लेकिन अगर आप थोडा और अधिक गहराई में जाते है तो आप जानते है कि असल में India में महिला (woman)एं उस तरीके से अपनी सेक्स (sex) के बारे में खुलकर विचार प्रकट नहीं करती है जिस तरह दुनिया के बाकि कई देशो में इस मामले में खुलापन देखने को मिलता है | India में शादी के बाद का सेक्स (sex) एक अलग तरह से मायने रखता है | कुछ मामलों में तो पत्नी (wife) कभी पहल नहीं करती है ऐसे में एक पुरुष के लिए ये जानना थोडा मुश्किल होता है कि शुरुआत कैसे होनी चाहिए और इसी वजह से यह अधिकार कम और एक पारिवारिक मसला जान पड़ता है | एक तीसरा पहलु यह भी कि अलग अगर अलग अलग सेक्स (sex) डिजायर वाले दो इंसानों की आपस में शादी हो जाये तो भी परिवार में भयानक तनाव का मोहौल बन सकता है इसलिए कई तरह के पह्लूं है जिनको ध्यान में रखा जाना आवश्यक है | असल में एक तो law से अधिक जो जरुरी है वो है समझाईश और महिला (woman) को सामाजिक और निजी स्तर पर थोडा जागरूक होने की और साथ ही तीसरा जो पहलु है उस से इस तरह से ठीक किया जा सकता है कि शादी पहले अगर दोनों को एक दूसरे के बारे में जानने को थोडा वक़्त दिया जाये और वो खुलकर सेक्स (sex) जैसे विषयों पर बात करने में सक्षम होते है तो इस तरह की कुछ समस्याओं का निदान किया जा सकता है |

तो यह है marital rape के law के पक्ष और विपक्ष में कुछ तथ्य hindi में और इस बारे में अपने विचार देने के लिए आप नीचे कमेन्ट कर सकते है और साथ ही हमारी अपडेट hindi में पाने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को भी लाइक कर सकते है | image source