Home स्वास्थ्य दवाइयां लेने का गलत तरीका आपको कर सकता है और भी बीमार

दवाइयां लेने का गलत तरीका आपको कर सकता है और भी बीमार

SHARE

Medicine हम तभी लेते है जब छोटी मोटी बीमारी परहेज रखने या सावधानी से ठीक नहीं हो रही होती है तो doctor हमे जल्दी राहत देने के लिए medicine suggest करता है और हर कोई तरह की tabulates और medicine को लेने का एक सही तरीका होता है और जब हम उसे उसी तरीके से लेते है तो health benefits भी हमे जल्दी मिलते है लेकिन हम जल्दीबाजी या यूँ कहे बस लापरवाही की वजह से ये नहीं करते है जिसकी वजह से हमे बाद में परेशानी होती है और हम कहते है दवाई ने तो असर ही नहीं किया जबकि असल में वो हमारी अज्ञानता होती है और हम जानबूझकर कुछ चीज़े ignore करते है जो सही आदत नहीं है तो चलिए medicines को किस वे में effectively लिया जाये इस बारे में थोड़ी बात करते है |

Medicine information in hindi

किसी भी medicine को tabulate या capsule या अन्य तरीको में बनाया जाता है तो उसका मकसद होता है कि किस गति से वो दवाई आपके पेट में जाकर घुलनी चाहिए और किस तरीके से उसकी chemical reaction आपके पेट में होनी चाहिए ताकि आपको तेज गति से स्वस्थ्य लाभ मिल सके उसी के अनुसार किसी भी गोली या capsule की शक्ल तय होती है और capsule का खोल कितना बड़ा होना चाहिए और कितना मोटा होना चाहिए तमाम कई तरह की बातें होते है जिनके बारे में हम नहीं जानते है और यह सब medicine की प्रकृति पर भी निर्भर करता है | मैं भी बचपन में कोई स्वस्थ्य सम्बन्धी समस्या होने पर tabulate को छोटे टुकडो में या चुरा बनाकर या capsule के खोल से बाहर दवाई निकालकर उसे किसी अन्य माध्यम से ले लेता था चुपके चुपके जब मुझे उन्हें उसी रूप में लेना मुश्किल लगता था और ऐसा बहुत लोग करते है जो कि सही नहीं है ऐसा करना आपके लिए नुकसानदेह तो हो ही सकता है health के लिए साथ ही वो स्वास्थ्य लाभ भी नहीं मिल पता है जो आप अपेक्षा करते है कि दवाई खाने से आप जल्दी ठीक हो जायेंगे और आपकी health issue सोल्व हो जाएगी |

medicine information in hindi दवाई लेने का सही तरीका
medicine information in hindi

कुछ दवाईया इस तरह से design  होती है कि वो किसी खास समय पर खास स्पीड से घुलने के लिए बनाई गयी होती है और उसी के according वो अपना असर भी शरीर पर छोडती है जैसे कि आप अगर रंग में और ठोस होने में भी अंतर करे तो डिस्प्रिन जो सर दर्द की दवा है पेट में जाकर तुरंत घुल जाती है और अगर पानी से भी लेते है तो गिलास में आप उसे घोल सकते है क्योंकि उसे तुरंत असर के लिए बनाया गया है लेकिन एस्प्रिन और ओमेप्रजोल जेसी दवाईया जो क्रमश heart burn और  पेट में एसिड के लिए होती है तो ये बेशक पेट में से होकर जाती है लेकिन वंहा क्रिया नहीं करती है जबकि ये छोटी आंत में जाकर reaction करती है जिस से हमे जन्हा जरुरत होती है वन्ही के लिए स्वस्थ्य लाभ मिलता है जबकि अगर हम इसे टुकडो में तोड़ कर लेते है तो इनकी कोटिंग जो होती है जो उन्हें पेट में घुलने से रोकती है वो खत्म हो जाती है और ये छोटी आंत में जाने से पहले ही घुल जाती है तो हमे health benefits नहीं मिलते है | यही वजह कुछ लोग शिकायत भी करते है जबकि उन्हें medicine लेने का सही तरीका क्या है वो पता भी नहीं होता है |

कुछ दवाईयां ऐसी होती है जो लम्बे समय के बाद और धीरे धीरे असर करती है इसलिए अगर उन्हें चबा लेते है या चूसने लगते है तो आपके लिए परेशानी का सबब भी बन सकता है और कुछ असाध्य रोगों के लिए ली जाने वाले दवाईया तो ऐसी पावरफुल होती है कि अगर उन्हें ठीक से नहीं लिया जाये और तोड़ कर या चबा कर या चूस कर खाया जाये तो आपके लिए लाभ की जगह नुकसान कर सकती है इन्हें पानी के साथ या साबुत ही निगला जाना सही होता है और कुछ दवाईया होती है जो 12-24 घंटे में असर करती है और उन पर इस बारे में लिखा भी होता है उन्हें गलत तरीके से लेने पर आपको blood pressure से संबधी शिकायत हो सकती है और कोई परेशानी होने की वजह से की खास स्थिति में मौत का कारण भी बन सकती है इसलिए दवाईया लेते समय इस बात का खास तौर पर ध्यान रखें और साथ ही अपने doctor से दवाई को लेने का सही तरीके जानने के साथ साथ आवश्यक परहेज की जानकारी भी प्राप्त कर लें |

तो ये है  medicine information in hindi की दवाईयों को कैसे लें और हमारी ये पोस्ट आपको कैसी लगी इस बारे में हमे comment के माध्यम से जरुर बताएं और हमारी website से hindi में अपडेट पाने के लिए आप हमारी website से फ्री ईमेल subscription ले सकते है साथ ही हमारे गूगल प्लस page को फॉलो करके हमारी साथ जुड़ सकते है |

Image credit