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बिल्ली का दर्पण – mirror of cat story

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mirror of cat story – एक दिन एक जंगल में शेर ने एक बिल्ली पकड़ी और उसे खाने की सोच रहा था | इतने में बिल्ली ने शेर से पुछा तुम मुझे क्यों खाना चाहते हो तो शेर ने जवाब दिया कि इसलिए क्योंकि मैं बड़ा हूँ और तुम छोटी हो | बिल्ली ने आँखे मिचमिचाई और बोली कि नहीं बड़ी तो मैं हूँ तुम हो छोटे | तुम कैसे कह सकते हो तुम मुझसे बड़े हो ? बिल्ली की बात सुनकर शेर उलझन में पड़ गया और मन ही मन में सोचने लगा कि सही तो कह रही है ये कि मैं कैसे जान सकता हूँ मैं छोटा नहीं हूँ बड़ा हूँ |

शेर ने बिल्ली से पुछा तो बताओ मैं कैसे  जान सकता हूँ कि मैं कितना बड़ा हूँ इस पर बिल्ली ने कहा मेरे घर में एक दर्पण है इसलिए तुम उसका इस्तेमाल करके ये जान सकते हो कि तुम कितने बड़े हो |तुम्हे पता चल जायेगा |

शेर ने खुद को दर्पण में कभी नहीं देखा था इसलिए वो ऐसा करने के लिए तैयार हो गया | बिल्ली का दर्पण बड़ा अजीब था उसकी सतह तो उभरी हुई थी पर पिछला भाग भीतर की और धंसा हुआ था | बिल्ली ने उभरा हुआ भाग शेर की तरफ कर दिया तो शेर ने देखा वह बड़ा दुबला पतला एक गिलहरी जैसे लग रहा था |  बिल्ली ने कहा दर्पण फिर भी कुछ बड़ा दिखाता है जबकि वास्तव् में इस से भी छोटे हो यह सुनकर शेर को बड़ी शर्मिंदगी हुई और शेर डर गया | अब बिल्ली बोली की जरा हटो मुझे भी खुद को देखने दो यह कहकर बिल्ली ने चुपके से दर्पण को घुमा दिया तो बिल्ली उसमे बहुत बड़ी लग रही थी चुपके से शेर ने भी उसे देखा तो पता लगा वह बहुत भयानक लग रही थी बार बार वह अपना मुह खोल रही थी तो शेर ने सोचा की बिल्ल्ली अब उसे खाना चाहती है तो शेर बेहद डर गया और जंगल की तरफ भाग गया |