Home hindi stories कैसा होना चाहिए हमारा बर्ताव- Moral mantra in hindi story

कैसा होना चाहिए हमारा बर्ताव- Moral mantra in hindi story

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Moral mantra in hindi – एक बार एक दरजी था जिसका एक ही बेटा था राहुल नाम का । चूँकि एक ही बेटा था इसलिए बड़े प्यार से पाला पौसा और पढ़ा लिखाकर लायक बना दिया । समय आने पर धूमधाम से शादी भी कर दी । कुछ समय बाद दरजी दादा भी बन गया । राहुल के घर सुन्दर सा बेटा हुआ । पुत्र के मोह में संस्कार राहुल और उसकी पत्नी अपनी जिम्मेदारी यानि के बूढ़े दरजी के प्रति लापरवाह हो गये । यांह तक कि उसके खाने पीने और नित्य जरुरत की चीजों के लिए भी अनदेखी करने लगे ।

Moral mantra in hindi story
Moral mantra in hindi story

 

अब ऐसा चलता रहा और धीरे धीरे पूरे घर में नरक जैसा माहौल हो गया और उसके बाद दिनपर दिन कलह बढती गयी और तब तक ऐसा होता रहा जब तक राहुल की पत्नी ने बूढ़े दर्जी को गैराज में रहने को मजबूर नहीं कर दिया । उसे मिटटी के बर्तन में खाना देने लगे इस पर राहुल के छोटा बेटा ये सब देखता क्योंकि अब वो चार बरस का हो गया था और आँखों देखी चीजों से सीखने की क्षमता रखता था । एक दिन अपने पापा से वह मिटटी के बर्तन खरीदने की जिद करने लगा जब वह राहुल के साथ बाजार गया तो राहुल ने पूछा क्या करोगे इसका तो जो जवाब मिला वो राहुल की आंखे खोल देने के लिए काफी था ।

राहुल के छोटे बेटे ने जवाब दिया ” जब आप बूढ़े हो जाओगे तो मैं आपको इसमें खाना दिया करूँगा ।” पल भर में राहुल को अपनी गलती का अहसास हो गया कि ये वो क्या कर रहा है अपने ही पिता के साथ ऐसा बर्ताव जबकि बचपन उसी ने मुझे हर वो चीज़ दिलाई जिसके के लिए मैं जिद करता था । बहुत सारी  बाते राहुल के दिमाग में चल रही थी और घर लौटकर उसने अपने पिता से माफ़ी मांगी और दोबारा कभी भी बुरा बर्ताव नहीं करने का वादा किया ।

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