Home मेरी कवितायेँ जब मम्मी पापा नहीं मानेंगे ??

जब मम्मी पापा नहीं मानेंगे ??

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आज सुबह वो मिली मुझे

अलसाई सी , मुरझाई सी ,

कहती क्यों परेशान खुद को इतना करते हो

जानती हूँ मैं बेइंतिहा प्यार मुझी से करते हो ,

देख दीवानो सा हाल तुम्हारा

मेरी तो आँखे भर आई है ,

क्यों रोते हो दिनभर पागल

क्या यही सपनो की रिहाई है ,

सहमी सहमी सी बिना तुम्हारे

अंदाज़ा भी नहीं मैं कैसे जी पाउंगी ,

किस से रुठूंगी और किसे मनाऊँगी ,

तुम भी जानते हो कि

मैं प्यार तुम्ही से करती हूँ

पर सोचती हूँ तो डरती हूँ ,

जब सब मेरे तुम्हारे बारे में जानेंगे

प्यार की उस गहराई में ,

तुम शायद बिना मेरे रह भी पाओ

क्या होगा मेरा जब मम्मी पापा नहीं मानेंगे |

कमल अग्रवाल