Home इधर उधर की online presence को कैसे मैनेज करे मरने के बाद के लिए

online presence को कैसे मैनेज करे मरने के बाद के लिए

SHARE

Online presence management after death सुनने में ये वैसे ये थोडा अजीब लगता है जब हम अपने मरने की बात करते है लेकिन फिर भी यह life का वो सच है जिस से होकर हमे जाना ही है इसलिए यह मायने रखता  है आप अपनी online presence किस तरह से manage करते है और यह बहुत अच्छा विचार है अगर हम इसके बारे में थोड़े गंभीर होते है क्योंकि यह life के लिए हमारी संजीदगी को दिखाता है और आने वाले समय के लिए हमारे चाहने वालों को हमारी चिताओं से मुक्त भी करता है और उलझने नहीं पैदा होने देता क्योंकि अक्सर अगर आप सोशल साइट्स (social sites) पर बहुत ज्यादा अपना टाइम बिताते है तो यह जरुरी है आपके बाद कोई होना चाहिए जो आपकी ऑनलाइन प्रेसेंस (online presence) को मैनेज करे तो चलिए इस बारे में थोड़ी और बात करते है –

Manage online presence for death in hindi 

सबसे पहली बात जो आपको करनी चाहिए वो है कि आपको अपने सभी तरह के ऑनलाइन एकाउंट्स (Online account) के पासवर्ड और लॉग इन आईडी एक जगह लिखकर उन्हें किसी सेफ जगह पर रख देने चाहिए जो आपके किसी चाहने वाले को उस बारे में पता हो और ऐसा होता है कि अधिकतर अकाउंट हमारी ईमेल आईडी (Emails) से जुड़े होते है इसलिए यह भी सही है आप अपनी ईमेल आई डी का रिकवरी ईमेल अपने किसी चाहने वाले का डाल सकते है जिस पर आपको भरोसा हो और ऐसे में आपके नहीं रहने (after death) पर आपके ईमेल आईडी को एक्सेस करके सारे अकाउंट को retrive करके मैनेज कर सकता है | यह भी एक अच्छा तरीका है अपनी ऑनलाइन प्रेसेंस (online presence) के लिए जिम्मेदार हो जाने का | और कुछ कम्पनीज भी है जो आपके लिए ये करती है और उनमे से अधिकतर फ्री है जिनसे आप ये सर्विसेज ले सकते है |

ऐसी एक एक कम्पनी है Legacy Locker जिसके जरिये आप अपने चाहने वालों के लिए अपनी ऑनलाइन प्रॉपर्टी (Online properties) को रख सकते है और एक बार आपके गुजर (after death) जाने के प्रूफ देने पर जो आपके लोग जिन्हें अपने निर्धारित किया है उनको

online presence after death in hindi
online presence after death in hindi

सूचनाएँ उपलब्ध करवा दी जाएगी लेकिन एक बात ध्यान में रखनी जरुरी है कि हर कोई कम्पनी के साथ शेयर और स्टोर किया गया डाटा 100 प्रतिशत सेफ होगा इसकी कोई गारंटी नहीं होती है क्योंकि अगर कोई हैकर अगर कम्पनी की वेबसाइट पर हैकिंग अटैक (hacking attack) के जरिये डेटाबेस से सूचनाएं चुरा ले तो फिर आपकी सारी महत्वपूर्ण सूचनाये compromise हो जाती है ऐसे में सबसे बेहतर तरीका यही है कि आप एक लिस्ट बनाये और अपने घर में ही किसी सेफ जगह पर उसे रखे जिसके बारे में आपके किसी अपने को पता हो या फिर आप अपने digital storage में भी सूचनाओं को कई गुप्त तरीके से रख सकते है |

यह हमेशा से एक बहस का विषय रहता है कि यूजर के गुजर जाने (after death) के बाद उस डाटा की जिम्मेदारी किसकी होती है क्योंकि ऐसे में ना तो कम्पनी उसे किसी दूसरे को दे सकती है क्योंकि उसका मिसयूज हो सकता है और न ही सही सही तरीके से इस बारे में कोई उपयुक्त निदान संभव हो पाया है लेकिन आने वाले समय में ऐसी चुनोतियों के हल कंपनियां निकाल रही है ताकि यूजर के डाटा के बारे में सही तरीके से जवाबदेही संभव हो |

तो ये है hindi में एक कमाल की पोस्ट जो आपको कई तरह के सवालों के जवाब देती है और साथ ही हमारी वेबसाइट से अपडेट hindi में पाने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक कर सकते है |Image source