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Parkinson disease in hindi

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पार्किंसन बीमारी (parkinson disease ) एक ऐसी बीमारी है जो आपकी पूरी की पूरी दिनचर्या प्रभावित कर सकती है क्योंकि यह एक दिमागी विकार है जो सामान्य ढंग से जिन्दगी जीने में मुश्किल पैदा करती है जिस से न केवल रोजमर्रा के कामों को करने में हमे मुश्किल होती है साथ ही बड़े अलग ढंग से हमारी जिन्दगी पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है तो चलिए पार्किंसन नाम की इस बीमारी के कुछ खास पहलुओं पर हम एक नजर डालते है –

जानिए पार्किंसन बीमारी (parkinson disease ) को Hindi में

पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )आखिर है क्या – यह एक दिमागी बीमारी है इसमें व्यक्ति को कंपकंपी महसूस होती है साथ ही मांसपेशियों में कठोरता और धीमापन होने की शिकायत होती है | जानकारों कहते है कि यह दिमाग के हिस्से बेंसल गेंगिला में विकृति के चलते पैदा होती है और न्यूरोट्रांसमीटर डोपामीन में कमी के चलते पैदा होती है और आंकड़े बताते है कि दुनियाभर में 6.3 मिलियन लोग इस बीमारी से पीडित है और आपको बता दें वैसे तो यह बीमारी अमूमन 60 साल के बाद की उम्र में ही होती है और महिलाओं के मुकाबले पुरुषो को यह निशाना अधिक बनाती है वैसे मुझे नहीं लगता उम्र के मामले में चिंता करने जैसी कोई बात है क्योंकि समय के साथ मनुष्य की औसत उम्र लगातार कम होती ही जा रही है और इसका कारन है है हमारा आज का दूषित खानपान |

कीटनाशकों (Insecticide) के सम्पर्क में आने के कारण भी यह हो सकती है – एक पत्रिका में छपे लेख के अनुसार कई रोगी जो पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )से ग्रस्त मिले उनमे से ज्यादा संख्या उन लोगो की थी जो कभी न कभी कीटनाशकों के साथ लम्बे समय तक सम्पर्क में रहे थे और अमेरिका की एक अकादमी ने इस बात का समर्थन भी किया है इसलिए तो हर जगह सलाह दी जाती है कि जब भी आप बाजार से कभी भी सब्जी या फल लेकर आते है तो उन्हें अच्छे से पानी में धो लेना आवश्यक है क्योंकि न धोने पर हम कीटनाशकों के सम्पर्क में आते है और हो सकता है हम भी आगे जाकर पार्किंसन बीमारी (parkinson disease ) का शिकार हो जाएँ हाँ ऐसा अगर संभव हो तो बेहतर है कि हम आर्गेनिक फल और सब्जियों का उपयोग करना शुरू कर दें जो कि समय और मांग के अनुसार अभी तो हमारे लिए महंगा होता है अगर हम एक मिडिल क्लास फॅमिली से बिलोंग करते है तो क्योंकि आमतौर पर आर्गेनिक फल सब्जियां बाजार भाव से महंगी मिलती है क्योंकि वो कंही अधिक शुद्ध और प्राकृतिक तरीके से पैदा की गयी होती है इसलिए उनकी पैदावार कम होती है फलस्वरूप वो तुलनात्मक रूप से महंगी भी होती है |

parkinson disease hindi
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डीबीएस थरेपी से करें इलाज – इस थेरेपी के द्वारा पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )के लक्षणों जैसे कंपकंपी , अकडन और अन्य शारीरिक परेशानियों से निजात पाई जा सकती है और इस थेरेपी में एक पेसमेकर की तरह दिखने वाले उपकरण को इस्तेमाल किया जाता है जो हमारे दिमाग को तरंगित करता है खासतौर पर उन हिस्सों को जो पार्किंसन बीमारी (parkinson disease ) के लक्षणों वाली गतिविधियों से जुड़े होते है |

पार्किंसन बीमारी (parkinson disease ) का क्या फर्क पड़ता है हमारी जिन्दगी पर – पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )का हमारी जिन्दगी पर गहरा असर होता है क्योंकि दैनिक कामो में परेशानी होने लगती है और साथ ही पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )दिमागी रूप से बंदे को प्रभावित करती है इसलिए चिंता और तनाव जैसी परेशानी से भी इसे जोड़कर देखा जा सकता है और जिन मरीजो को दवाई से या अन्य किसी उपचार से लाभ नहीं होता हो तो डॉक्टर्स के अनुसार उसे डीबीएस थरेपी का सहारा लेना चाहिए क्योंकि यह काफी कारगर होती है |

तो यह है पार्किंसन बीमारी (parkinson disease )से जुडी hindi में कुछ जानकारी और आपको ये पोस्ट कैसी लगी इस बारे में अपनी राय देने के लिए आप नीचे कमेन्ट कर सकते है और हमारी update हिंदी में पाने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को भी like कर सकते है | Image Source