Home General Knowledge वेतन आयोग और उसका भारतीय व्यवस्था में योगदान जानिए

वेतन आयोग और उसका भारतीय व्यवस्था में योगदान जानिए

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Pay Commission यानि के वेतन आयोग एक तरह से समिति है जो समय समय पर सरकार के द्वारा गठित की जाती है जो सरकार के कर्मचारियों की सेलरी से जुड़े परिवर्तन और महंगाई आदि को ध्यान में रखते हुए salary structure में बदलाव करने की अनुशंसा करती है | भारत में आजादी एक बाद से अब तक 7 ऐसे Pay Commission गठित किये जा चुके है जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद कुछ आधार पर वेतन में वृद्धि या परिवर्तन के लिए अपनी सलाह सरकार को देते है तो चलिए इसी बारे में कुछ और बात करते है –

Pay Commission information in hindi

Pay Commission का मुख्य काम केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन की समीक्षा करना होता है और सरकार में विभिन्न पदों जैसे न्यायाधीश, सचिव, सशस्त्र सेना, पुलिस बल, इंजीनियर, वैज्ञानिक आदि पदों पर बहुत से लोग काम करते है और इन कर्मचारियों को सरकारी खजाने से वेतन दिया जाता है | भारत में कुछ शीर्ष सवैधानिक पदों जैसे कि राष्ट्रपति, भारत के प्रधान न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन संविधान में निर्धारित है और उन पदों के लिए वेतन में वृद्दि या कमी केवल संविधान में संशोधन करके या संसद में कानून पारित करके ही की जा सकती है लेकिन शेष जितने भी पद है उनके लिए समय समय पर Pay Commission का गठन किया जाता है |

Pay Commission in Hindi
Pay Commission in Hindi

चूँकि किसी भी कर्मचारी या पद के लिए वेतन की समीक्षा एक जटिल और संवेदलशील प्रक्रिया है इसलिए कोई भी एक विभाग या मंत्रालय इस बारे में फैसला नहीं ले सकता है इसलिए सरकार एक आयोग का गठन करती है जिसे वेतन आयोग या Pay Commission कहा जाता है | इस तरह के आयोग में मुख्यत :कोई सेवानिवृत्त न्यायाधीश ही वेतन आयोग का अध्यक्ष बनाया जाता है और बाकि के पांच या छ: सदस्यों में एक अर्थशास्त्री होता है जिसे वित्तीय व्यवस्था की पूरी समझ होती है | यह आयोग सभी विभागों और मंत्रालयों से सुझाव आमंत्रित करता है | इस पूरी प्रक्रिया में 2 साल से अधिक का समय लग जाता है | आयोग सभी विभागों से लिखित और मौखिक रूप से भी सुझाव लेता है और यह बात भी ध्यान रखने वाली है कि आयोग अपनी सिफारिशों में सरकार की भुगतान क्षमता को अनदेखा नहीं कर सकता है |

कभी कभी ऐसा भी होता है जब राज्य सरकारें या केंद्र सरकार कर्मचारियों के दबाव में बिना सोच विचार के सिफारिशों को लागू कर देती है ऐसा एक बार हुआ है राज्य सरकारों में बिना अपनी क्षमता का अवलोकन किये पांचवे वेतन आयोग में कमर्चारियों को बढ़ा हुआ वेतन देने की सिफारिश स्वीकार कर ली जिसकी वजह से बहुत भयंकर वित्तीय संकट खड़ा हो गया | 1999 में इस विचार विमर्श हुआ और केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने इस पर राज्यों को स्पेशल पैकेज दिया |इसके अलावा एक और बात जान लेनी जरुरी है कि Pay Commission का काम केवल वेतन की समीक्षा करना नहीं होता बल्कि साथ ही समानता, निष्पक्षता, पदोन्नति के अवसर, कैरियर की प्रगति आदि के बारे में भी स्पष्ट सुझाव देने होते है |

तो ये है Pay Commission information in hindi और इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमे ईमेल कर सकते है और हमसे regular hindi updates पाने के लिए आप हमे फेसबुक पर follow कर सकते है या ईमेल सब्सक्रिप्शन ले सकते है |

Image Source – demo pic