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pcos symptoms and treatment in hindi

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PCOS है क्या – खैर इंसानी जिन्दगी और जीने के तौर तरीकों में हुए बदलाव हम सभी देख पा रहे है और करियर की चिंता और कारोबार के लिए व्यक्ति की चिंता उसे अपने बारे में सोचने का वक़्त ही नहीं देती और इसी के चलते जब तक हम किसी बीमारी की गिरफ्त में नहीं आ जाते है हम अपने बारे में सोचना शुरू नहीं करते है और न ही जिन्दगी में बदलाव लाने की कोशिश करते है और यही वजह कि हम मोटापे ,तनाव जैसी टूचु सी लगने वाली बीमारियों के गिरफ्त में आसानी से आ जाते है और क्या महिला और क्या पुरुष दोनों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है ऐसी ही एक समस्या है जो हमारी बदली हुई जीवनशैली का ही परिणाम है वो है PCOS यानि के पोली सिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम जिसकी वजह से महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम हो जाती है इसमें हार्मोन के असंतुलन की वजह से अंडाशय में गांठे हो जाती है और समय पर इलाज नहीं करवाने पर गंभीर समस्या का सामना करना पड सकता है | चलिए इस बीमारी के symptoms and treatment  के बारे में कुछ और बात करते है –

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PCOS के लिए symptoms – इसके कई तरह के व्यापक लक्षण (symptoms) होते है जैसे कि अनियमित माहवारी होना या नहीं होना ,बहुत अधिक मुंहासे होना ,गर्भधारण नहीं हो पाना या बाँझपन की समस्या ,मोटापा बढ़ना और स्वाभाव में बदलाव होना और कभी कभी नींद में साँस लेने में समस्या होना ऐसे कुछ PCOS के लक्षण (symptoms) है | गर्भावस्था के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां क्या है जानने के लिए यंहा क्लिक करें |

PCOS के कुप्रभाव – एक मेडिकल पत्रिका में छपे लेख के मुताबिक जो महिलाएं PCOS की समस्या से ग्रस्त होती है उनमे डायबिटीज के अलावा कई तरह की अन्य बीमारियाँ होने का खतरा बाकि लोगो से अधिक होता है इसके साथ ही रजोरोध यानि की मासिक धर्म में होने वाली अनियमितता और मेटाबोलिज्म में भी असंतुलन हो जाता है ,एंड्रोजन हार्मोन का उत्पादन जरुरत से अधिक होता है |

PCOS का  treatment – PCOS से बाँझपन की समस्या अधिक देखने को मिलती है और इसका इलाज (treatment)आज के मेडिकल विज्ञानं के अनुसार कोई मुश्किल नहीं है क्योंकि चिकित्सा जगत में अब कोई चमत्कार मुश्किल नहीं रह गया है और इसे आईवीएफ तकनीक (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) के जरिये दूर किया जा सकता है  आईवीएफ तकनीक (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) में अंडे को सर्जरी से महिला के शरीर से अलग कर दिया जाता है और इसके बाद प्रयोगशाला में इसे पुरुष के शुक्राणुओं के साथ निषेचन करवाकर पुन: महिला के गर्भाशय में रख दिया जाता है जिसके बाद वो प्राकृतिक तरीके से महिला के गर्भ में विकसित होता है |

तो ये है pcos symptoms and treatment के बारे में कुछ hindi में जानकारी और आपको ये पोस्ट कैसी लगी इस बारे में अपने विचार हमे कमेन्ट के माध्यम से जरुर दें और साथ ही हमारी updates को  hindi में पाने के लिए आप हमारे facebook पेज को like कर सकते है |Image Source