Home General Knowledge आप जानते है राष्ट्रपति की शक्तियों के बारे में ?

आप जानते है राष्ट्रपति की शक्तियों के बारे में ?

SHARE

President powers की बात करें तो सबसे पहले आपको यह जानकारी हम देना चाहेंगे कि देश में सरकार के द्वारा जितने भी executive action लिए जानते है वो भारत के राष्ट्रपति के नाम पे लिए जाते है यानि के कार्यकारी कार्यवाही के लिए जो भी ऑर्डर्स पास होते है वो राष्ट्रपति के नाम में आदेशित होते है और साथ ही प्रधान मंत्री और अन्य सभी मंत्रियों को राष्ट्रपति नियुक्त करता है | ऐसे बहुत से काम है राष्ट्रपति के द्वारा किये जाते है या संविधान के जरिये उसे जो शक्ति मिली है उसमें निहित है तो चलिए इसी बारे में और बात करते है –

President powers in india in hindi

Presidential powers के बारे में बात करें तो सबसे पहले कुछ सामान्य शक्तिओं की हम बात करते है जो इस तरह से होती है –

  • एक तो सभी executive action , president के नाम पर लिए जाते है जिसके बारे में हम बात कर चुके है |
  • चुनाव होने के बाद प्रधान मंत्री और दूसरे मंत्रियों को राष्ट्रपति ही नियुक्त करता है |
  • साथ ही president ही Attorney general of india , Finance commision ,CAG , UPSC , Election commision और Interstate Council को नियुक्त करता है यानि कि वो ही इन सभी संगठनों के चेयरमैन और मेम्बेर्स को नियुक्त करता है |  
  • ये सभी powers या हम कह सकते है कि अधिकार जो है president की executive powers में आते है |president powers in hindi

अब हम Presidential powers के structure के बारे में बात करते है ये कुल 7 तरह की होती है –

  1. Executive powers – इस बारे में हम ऊपर के पैराग्राफ में बात कर चुके है |
  2. Legislative powers – ये राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां है |
  3. Financial powers – इनके जरिये राष्ट्रपति देश के वित्तीय संसाधनों के बारे में फैसले ले सकते है |
  4. Judicial powers – न्यायिक अधिकारों के जरिये न्यायपालिका में भी राष्ट्रपति का योगदान होता है |
  5. Diplomatic powers – राजनयिक शक्तियों के जरिये जितनी भी संधियाँ होती है दूसरे देशो के साथ या विदेशों में भेजे जाने वाले देश के प्रतिनिधियों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है |
  6. Military powers – अपनी सैन्य अधिकारों के चलते राष्ट्रपति देश की तीनो सेनाओं का मुखिया होता है |
  7. Emergency powers – आपातकाल के हालात में कुछ विशेष अधिकार राष्ट्रपति को प्राप्त होते है जिनके बारे में हम बात में बात करेंगे |

अब हम कुछ डिटेल्स में President powers के बारे में पढ़ते है –

Legislative powers यानि के विधायी शक्तियां – राष्ट्रपति की विधायी शक्तियों के अंतगर्त चूँकि वह कार्यपालिका का सबसे अहम् घटक है इसलिए वह लोकसभा का सेशन बुला सकता है और उसका विघटन कर सकता है साथ ही दोनों सदनों में किसी मुद्दे पर असहमति होने पर वह दोनों सदनों का संयुक्त सेशन भी बुला सकता है | साथ ही हर साल साल के पहले सेशन और चुनाव के तुरंत बाद के सेशन को एड्रेस करता है | वह खेल , साहित्य और अपने अपने क्षेत्रों में नाम कमा चुके नामचीन लोगो को अपने विवेक से राज्यसभा में नियुक्त कर सकता है साथ ही वह लोकसभा में भी अपने दो सदस्यों को मनोनीत कर सकता है |

Financial powers – इस अधिकार के तहत वित् विधेयक को राष्ट्रपति की बिना परमिशन के सदन में लाया ही नहीं जा सकता है | साथ ही president powers में ये भी अहम् है कि किसी भी तरह ग्रांट जो है वो president की परमिशन के बिना नहीं दी जा सकती है |

Judicial powers – अपनी न्यायिक शक्तियों के प्रयोग से वह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश और सुप्रीम कोर्ट के दूसरे जजों की नियुक्तियां करता है | वह सुप्रीम कोर्ट से किसी विषय पर सलाह मांग सकता है लेकिन वह उस सलाह को मानने के लिए बाध्य नहीं है | साथ ही president powers में उसके पास यह अधिकार भी है कि किसी आरोपी को देश के अदालत के द्वारा दोषी ठहराकर फंसी की सजा दी गयी हो या कोर्ट मार्शल के द्वारा कोई भी सजा दी गयी हो वह उसे कम करने या माफ़ करने का अधिकार रखता है |

Diplomatic powersइन अधिकारों की वजह से किसी भी देश के साथ कोई treaty sign हो या कंही देश का प्रतिनिधित्व करना हो तो वह president के नाम में ही होता है और साथ ही देश और विदेश में देश के प्रतिनिधी को नियुक्त करने का अधिकार भी president के पास होता है |

Military powers सैन्य शक्तियों की बात करें तो भारत की तीनो सेना , थल , जल और नभ सेना का सुप्रीम कमांडर president होता है और वह युद्ध या शांति की घोषणा कर सकता है लेकिन इसके लिए उसे पार्लियामेंट से सलाह लेकर ही यह काम करना होता है |

Emergency powers आपातकाल की बात करें तो यह उस स्थिति में लागू हो सकता है जब देश को किसी बाहरी आक्रमण या देश के अंदर ही सशस्त्र विद्रोह से खतरा हो गया हो और ऐसे हालात तीन बार हुए है जब देश में आपातकाल लागू हुआ है | 26 October 1962 to 10 January 1968 की बीच जब भारत का चीन के साथ युद्ध हुआ था | 3 December 1971 जब पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ | Between 26 June 1975 to 21 March 1977 को जब इंदिरा गाँधी ने आन्तरिक कारणों के चलते आपातकाल लगाने का प्रावधान किया |

तो ये है President powers in india in hindi और इस बारे में अधिक जानकारी या सलाह के लिए आप हमे ईमेल कर सकते है और हमसे hindi updates पाने के लिए आप हमे फेसबुक पर फॉलो कर सकते है या फिर नीचे दिए गये घंटे के निशान पर भी क्लिक कर सकते है |

Image Source – demo pic