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प्यार का सावन लिए मिली मुझे

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प्यार का सावन लिए मिली मुझे
वो तुम ही थी ना ??
ख़ुशियों को नए मायने
रिश्तो की नयी समझ देने वाली
वो तुम ही थी ना ?
कहती सुन सकती हूँ मेरे लिए
धड़कती धड़कने तुम्हारी
मेरे हर पल को खुद से
महकाने वाली
वो तुम ही थी ना
मेरे यूँ ही मुस्कुराने में
तुम्हे देखने भर की जिद में
मेरे यूं बहक जाने में
तुम ही थी ना ??
कहती लाख बुरे तुम सही
पर मेरे ही तो हो तुम
फिर आधे रास्ते मुझे यूँ छोड़ जाने में
वो भी तुम ही थी ना ??

कमल अग्रवाल