Home General Knowledge प्याऊ क्या है चलिए जानते है राजस्थान की इस अनूठी सौगात को

प्याऊ क्या है चलिए जानते है राजस्थान की इस अनूठी सौगात को

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Pyau की अगर बात करें तो मैं शब्द सरंचना और इसके बारे में व्याकरण पर बात नहीं करूँगा मैं आपको बताना चाहूँगा कि असल में यह होता क्या है तो चलिए बात करते है pyau क्या है और किस तरह से लोगो की प्यास बुझाने में मदद करता है |

Pyau meaning in hindi

Pyau असल में एक ऐसा शब्द है जो पानी और प्यास से सम्बन्धित है और यह राजस्थान में हर कोई आसानी से इसका अर्थ बता सकता है क्योंकि यह सबसे अधिक राजस्थान में ही प्रचलित है मुझे इसके मूल का नहीं पता यह कन्हा से आया है लेकिन माना जाता है कि पुराने समय से ही राजस्थान में पानी की कमी के चलते जो इलाके अधिक सूखे होते है (जो अब उतने अधिक नहीं है नहरीकरण की वजह से ) वंहा पानी की व्यवस्था करके और एक छोटी  झोपडी या मकान बना देते है और उसे सार्वजनिक जलघर का रूप दे देते है और ऐसा उस जगह किया जाता है जन्हा अगर कोई लम्बा रास्ता हो या कुछ ऐसी जगह हो जन्हा पर सफ़र करने वाले लोगो को पानी सहजता से उपलब्ध नहीं होता है |

Pyau के स्थापना के पीछे कुछ भी पुराने reason हो सकते है लेकिन एक बात है जो सरलता से हमे समझ में आती है वो है कि भारत में और देश के अधिकांश culture में भूखे को भोजन देना और प्यासे को पानी पिलाना एक बड़ा ही पुण्य का काम समझा जाता है और इसलिए Pyau पर आपको बुजुर्ग लोग या जो लोग सेवाभाव रखते है अपने मन में लोगो के लिए वो लोग बैठे हुए और आते जाते लोगो को पानी पिलाते हुए आप देख सकते है |

pyau in hindi
pyau in hindi

राजस्थान में आप एक शहर से दूसरे शहर जाते है तो आपको बहुत सारी जगह या बस स्टैंड के पास भी pyau लिखा हुआ मिल सकता है आज के आधुनिक युग में उनकी जगह स्वचालित water cooler ने ले ली है लेकिन इस से उनका महत्व कम नहीं हो गया है जो पारम्परिक buildings में बने है | देश के बहुत सारे भागों में जन्हा  पानी की कोई कमी नहीं है वंहा आपको एक गिलास पानी के लिए भी पैसे देने होते है लेकिन राजस्थान  में जो ये pyau बने है यंहा आपके लिए आपकी प्यास बुझाने के लिए कोई पैसे नहीं लिए जाते है और खास बात यह भी देखने में मिलती है कि लगभग हर गाँव के बाहर आपको यह मिल जाते है और कोई न कोई व्यक्ति आपको पानी पिलाने के लिए  वंहा होता है और अक्सर यह इस तरह होता है कि ग्रामीणों में से ही कोई श्रमदान देने के लिए वंहा होता है | यह किसी एक आदमी की भी जिम्मेदारी हो सकती है और हो सकता है लोग अपनी इच्छा से वंहा यह करते हो |

राजस्थान में चूँकि नहरीकरण से पहले जब पानी की बेइंतिहा कमी होती थी तो भी और आज भी जन्हा पानी नहीं है वंहा बड़ी समझदारी से जल प्रबंधन किया जाता है और इसके लिए खास तरह से बने पानी के storage जिन्हें स्थानीय भाषा में टाँके कहा जाता है वो बने है जो बरसाती पानी के लिए बड़ी सही से पानी का भण्डारण करते है |

तो ये है pyau in hindi पर जानकारी और ये  लेख आपको कैसा लगा इस पर आप हमे नीचे कमेन्ट कर बता सकते है है साथ ही आप hindi में हमसे अपडेट पाने के लिए हमारी google plus पेज से जुड़ सकते है |

Image Source – Free Images