Home Short Stories चन्दन और कोयला -Sandal and coal Story

चन्दन और कोयला -Sandal and coal Story

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Sandal and coal – एक हकीम ने अपने बेटे को एक दिन अपने पास बुलाया और उसे धूपदान की और इशारा किया | इशारे को समझ कर उसका बेटा धूपदान में से एक मुट्ठी चन्दन ले आया | फिर हकीम ने अपने बेटे को दूसरे हाथ से इशारा किया तो बेटा इशारे को समझ कर चूल्हे से कोयला ले आया | इस पर हकीम ने अपने बेटे को इशारा किया कि इन दोनों को फेंक दो तो उसके बेटे ने यही किया | तो अब हकीम ने अपने बेटे से जानना चाहा की अब उसके हाथों में क्या है |

इस पर उसके बेटे ने उसे कहा कि पिताजी मेरे हाथ में तो अब कुछ भी शेष नहीं रह गया है तो हकीम ने कहा बेटे ऐसा नहीं है जरा अपने हाथों को गौर से देखो तो हकीम के बेटे ने देखा कि उसके जिस हाथ में चन्दन था उस हाथ में अभी भी चन्दन की महक आ रही है जबकि जिस हाथ में कोयला था वो हाथ कोयले की कालिख में रंगा हुआ है और काला हो गया है |

हकीम ने अपने बेटे को समझाया कि जिन्दगी में हमारे आस पास लोग भी ऐसे होते है जब तक कुछ लोग जो अच्छे होते है हमारा जीवन ठीक उसी तरह महकता है जैसे कि हमारे हाथ में चंदन होता है और उनके जाने के बाद भी उनकी अच्छाइयां हमारे साथ रह जाती है और जीवन भर साथ रहती है जबकि वन्ही कुछ लोग जो बुरे है हमारे जीवन में ऐसे होते है जिनके साथ के नहीं रहने पर भी जीवन उनकी बुराईयों की वजह से कलुषित होता है |