Home महान पुरुष फोड़े का इलाज – Sardar Vallabhbhai patel in hindi story

फोड़े का इलाज – Sardar Vallabhbhai patel in hindi story

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  1. Born: October 31, 1875, Nadiad
    Died: December 15, 1950, Mumbai
    Education: Middle Temple
    Spouse: Jhaverba Patel (m. ?–1909)
    Awards: Bharat Ratna
    Parents: Jhaverbhai Patel, Ladba
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    Sardar Vallabhbhai patel in hindi story

 

Sardar Vallabhbhai patel in hindi story  गुजरात के करमसद नाम के एक गाँव के पटेल थे झाबर भाई और उनके छोटे लड़के के हाथ में फोड़ा हो गया | कई दिनों तक इलाज किया लेकिन फिर भी कोई असर होता नहीं दिख रहा था | उस जमाने में आज की तरह कोई इलाज नहीं हुआ करते थे और न ही आज की तरह के डोक्टर हुआ करते थे इस पर लड़के के पिता को बड़ी चिंता हो गया |

वैद्यजी को पास लड़के को लेजाया गया तो वो भी चिंता में डूब गये कि वैसे तो इस फोड़े का इलाज नहीं है लेकिन एक इलाज है वो भी बहुत मुश्किल है क्योंकि इस फोड़े को गरम सलाख से दागना होगा तभी यहाँ ठीक हो पायेगा नहीं तो नहीं | और लड़का छोटा है इसलिए दर्द नहीं सहन कर पायेगा और आपके लिए बहुत लाडला भी है इसलिए हो सकता है आप इसे रोते हुए नहीं देख पाओ इसलिए ऐसे में यह थोडा मुश्किल जान पड़ता है जबकि इसके आलावा और कोई इलाज नहीं है|

झबेर भाई चिंता में डूब गये भला छः साल के लड़के को गरम गरम सलाख से कैसे दगवा दें उस लड़के ने उन दोनों के बीच हुए सारी बातें सुन ली थी लेकिन वह कुछ भी नहीं बोला अगले दिन लड़के के पिता लड़के को लेकर वैध्य के पास गये तो वैध्य ने अंगीठी में सलाख डाल दी और गरम करने को रख दी |

वैध ने लड़के के फोड़ा देखा और उस से बड़े प्यार से बात करने लगे थोड़ी देर में उसे किस्से कहानियों में बहलाने लगे | थोड़ी देर में लोहे की सलाख गरम होकर लाल हो गयी थी लेकिन वैध की हिम्मत नहीं हो रही थी वो थोड़ी देर बाद सलाख की और देखते और फिर लड़के के मुहं ताकने लगते |

लड़का उनके मन का डर समझ गया और बोला आप इस सलाख को फोड़े पर लगाना चाहते है तो लगाईये न यह सुनकर वैध्य हैरान रह गये और लड़के के पिता उठकर कर घबराहट के मारे बाहर चले गये उन्हें लगा लड़का अभी चीखेगा और वो सुन नहीं पाएंगे इसलिए वो चले गये |  लेकिन लड़का बड़ी हिम्मत से बैठा रहा और सलाख दाग दी गयी लड़के ने दर्द के मारे दांत पीस लिए लेकिन मुख से चीख नहीं निकली और फिर तुरंत मरहम पट्टी कर दी गयी |

थोड़े दिन में फोड़ा ठीक हो गया | झाबेर भाई के उस साहसी लड़के का नाम था वल्लभ भाई पटेल और आज हम उन्हें लौह पुरुष के नाम से भी जानते है ऑ वह हमारी आजादी के बहादुर सेनानियों में से एक थे | और हमारे आधुनिक भारत के निर्माता भी |

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