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Small house one story – मुल्ला नसीरुद्दीन और पडोसी

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Small house one story – मुल्ला नसीरुद्दीन एक दिन अपने घर के बाहर खड़ा था तो उसका एक पडोसी उसके पास अपनी समस्या को लेकर आता है और मुल्ला से कहता है मुल्ला मेरे साथ एक बहुत बड़ी समस्या है और तुम एक बुद्धिमान व्यक्ति हो इसलिए मुझे लगता है तुम मेरी समस्या का समाधान कर सकते हो |

मुल्ला ने उस व्यक्ति को कहा ‘बताओ तुम्हारी समस्या क्या है ‘? उस व्यक्ति ने कहा मेरे  घर में जगह की बहुत समस्या है और मैं और मेरी पत्नी तीन बच्चो के साथ मेरी सास भी है जिसकी वजह से हम सब बेहद परेशान है | मुल्ला ने कोई बात नहीं चिंता मत करो एक बात बताओ क्या तुम्हारे घर में मुर्गे है |

‘हाँ है ‘ उस व्यक्ति ने जवाब दिया तो मुल्ला ने कहा उन्हें भी अपने रहने वाली जगह में छोड़ दो इस पर उस व्यक्ति ने मुल्ला से कहा कि पहले से ही मेरे घर में बहुत कम जगह है इसलिए ऐसा करने से और भी कम हो जाएगी | “तुम्हे मेरी सलाह से कोई समस्या है तो मत मानो ” मुल्ला ने कहा |

वह व्यक्ति जानता था मुल्ला एक बुद्धिमान व्यक्ति है तो कुछ न कुछ तो कारण है इसलिए ऐसा करने को कहा रहा है इस पर उस व्यक्ति ने मुल्ला के कहे अनुसार वो कर दिया | मुल्ला ने अगले दिन आने को कहा |

अगले दिन वो व्यक्ति मुल्ला के पास आया और कहने लगा कुछ भी फर्क नहीं पड़ा उलटे हालत और बुरे हो गये है अब और भी जगह कम हो गयी है तो मुल्ला ने उसे कहा कि अब एक काम और करो अपने गधो को भी घर में खुला छोड़ दो  वह आदमी परेशान हुआ लेकिन उसने वो भी किया और अगले दिन आकर कहा हालत और भी बुरे हो गया है अब तो बिलकुल भी जगह नहीं बची है इस पर मुल्ला ने कहा एक आखिरी काम और करो फिर तुम्हारी समस्या खत्म हो जाएगी और उसने बकरियों को भी बाड़े से लाकर खुला छोड़ने को कहा तुम उस आदमी को बड़ा गुस्सा आया और कहने लगा कि ऐसा कैसे हो सकता है तो भी मुल्ला के कहने पर उसने किया |

अगले दिन वो आदमी मुल्ला को बुरा भला कहने को आया तो मुल्ला ने उस से कहा अभी एक आखिरी काम करो तुम सब को घर से बाहर बड़े में जानवरों को बांध दो और कल आकर मुझे बताना कि घर के हालत कैसे है इस पर वह व्यक्ति चला गया |

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अगले दिन वो बड़ा ही खुश होकर आया कि मुल्ला हालाँकि जगह तो उतनी है लेकिन फिर भी ऐसा लगता है कि अब घर खुला खुला सा हो गया है और हम अब सही से रह सकते है | तुम्हारे प्लान ने बहुत सही से काम किया है अब मैं समझ गया और वह व्यक्ति खुश होकर वंहा से चला गया |

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