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सुबह की पहली धूप

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सुबह की पहली धूप और
कानो में खनक तुम्हारी आवाज की
मुझे ये अहसास प्यारा लगता है ,
तुम पास हो मेरे तो सकून है मुझे
तुझसे दूर जाने का आभास ही
आवारा लगता है ।
तेरी बातों में जिस कदर
मैं था और आज भी हूँ
ये अंदाज़ भी प्यारा लगता है
तुम साथ हो मेरी हमराही बनके
मेरी हर शाम की दुआ का
जवाब आया लगता है ।

कमल अग्रवाल