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दो काली अँधेरी रातों के बीच ही दिन होता है – there is good time after troubles in hindi story

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troubles in hindi story-  एक वन में एक छोटे से पेड़ पर एक चूहा और गिलहरी रहते थे | चूहा बहुत शरारती था जबकि गिलहरी बेचारी भोली सी थी | चूहा दिन भर शरारतें करता हूँ इधर से उधर घूमा करता था जबकि गिलहरी अपनी मौज में शांति से रहा करती थी | एक दिन दोनों का आमना सामना हो गया | चूहे ने अपनी प्रशंशा करते हुए कहा कि लोग मुझे मूषकराज के नाम से जानते है और मैं गणेश जी की सवारी हूँ | मेरे पैने पैने हथियार से दांत लोहे से लेकर हर छोटी बड़ी चीज़ को काट सकते है |

गिलहरी को चूहे की ये घमंड भरी बातें बहुत बुरी लगी उसने कहा भाई तुम में इतनी कला है तो दूसरों का नुकसान क्यों करते हो कुछ नक्काशी का काम ही कर लिया करो | इनका सदुपयोग करो दुरूपयोग नहीं | जन्हा तक मेरा सवाल है दांत तो मेरे भी तेज है कितना भी कठोर बीज क्यों न हो तोड़ तोड़ कर संतोष से खा लेती हूँ | मुझे में कुछ खास तो नहीं पर मेरे बदन पर जो तीन धारियां देख रहे हो न ये मेरा सन्देश है | यह सुनकर चूहा बोला कि इनमे ऐसी क्या विशेषता है भला ?

गिलहरी बोली अरे वाह ! तुम्हे नहीं पता यह दो काली धारियों के बीच में जो सफेद धारी है न ये अन्धकार के बीच आशाओं का प्रतीक है दो काली अँधेरी रातों के बीच ही दिन होता है | भरोसा रखो अपने पर कि कठिनाईयों के बीच से गुजरते हुए ही असली सुख हासिल होता है |

सन्देश सुनकर चूहा लज्जित हो गया |