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थायराइड के लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

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thyroid एक ग्रंथि है जो हमारे गले में स्थित होती है और जब हम बोलते है तो आप गले पर हाथ लगाकर महसूस कर सकते है वो है हमारा स्वरयंत्र और इसके ठीक नीचे यह होती है | इस से निकलने वाले हार्मोन की वजह से हमारे शरीर के कई तरह के कम निर्धारित होते है और इस हार्मोन की कम या अधिक मात्रा हमारे शरीर पर अलग अलग तरीके से प्रभाव डालती है और इस thyroid ग्रंथि को नियंत्रित करने वाली ग्रंथि है pituitary जो हमारे दिमाग में स्थित होती है |

thyroid ayurvedic treatment in hindi

thyroid होने का कारण क्या है – thyroid ग्रंथि जब हार्मोन बनाने की दर किसी वजह से कम कर देती है तो ऐसे में हाइपोथायराइडिज्म की समस्या उत्पन होती है जिस से हमारे शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव होते है और ऐसे में हमारे शरीर का immune system यानि कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली  thyroid gland पर attack कर देता है और इसे auto-immune-disorder कहते है ऐसा कई वजह से हो सकता है जैसे कि अनुवांशिक कारणों की वजह से भी ऐसा होना संभव है और अगर आप किसी रोग से ग्रस्त है और उसके लिए किसी तरह की दवाएं ले रहे है तो उनका दुष्प्रभाव भी इसकी एक वजह बन सकता है | Iodine की कमी भी इसका एक मुख्य कारण है |

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हाइपोथायराइडिज्म के लक्षण – जब शरीर में हार्मोनल balance बिगड़ जाता है तो उसके health side effect के तौर पर वजन बढ़ने की शिकायत होती है , थकान और कमजोरी का महसूस होना , sadness , आँखों में सूजन और त्वचा का रुखा होना ,स्मरण शक्ति का क्षीण होना ,महिलाओं में माहवारी को लेकर अनियमितता , पसीना कम आना और आवाज में भारीपन जैसे लक्षण हो सकते है |

आयुर्वेदिक इलाज /ayurvedic treatment – ayurveda में कुछ उपाय इसके लिए दिए गये है जो आपको किसी भी ayurveda के विशेषज्ञ के सलाह के आधार पर ही प्रयोग करना चाहिए |

  • 5 किलो आटे के साथ 1 किलो बाजरा का आटा और एक किलो ही ज्वार का आटा मिलकर इस आते से बनी रोटियां खाने से आपको इस रोग में बेहद राहत मिलती है |
  • सुबह खाली पेट आप गो-मूत्र या इसके अर्क का सेवन कर सकते है और इसे लेने के एक ढेढ़ घंटे तक आपको कुछ भी नहीं खाना होता है और मासिक धर्म के दौरान भी महिलाएं इसे ले सकती है | इसके लिए आप प्रात: काल उठकर fresh होने के बाद गो मूत्र को बारीक कपडे से छानकर लें और इस दौरान आप कुछ भी फास्टफूड और तेलिय और गरिष्ट पदार्थो के सेवन से परहेज करें | चाय और काफी का सेवन भी वर्जित है | thyroid के ayurvedic treatment में यह बेहद कारगर है |
  • अधिक जानकारी के लिए आप नजदीकी किसी भी आयुर्वेद के विशेषज्ञ से सलाह लें क्योंकि वो लक्षणों के आधार पर आपके लिए सबसे best वाला उपाय सुझा सकते है |

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Image Source – Free Images