Home विचार प्रवाह प्रेम की मुश्किल राह – वैलेंटाइन डे खास -valentines day story in...

प्रेम की मुश्किल राह – वैलेंटाइन डे खास -valentines day story in hindi

SHARE

valentines day story in hindi : कल वैलेंटाइन्स डे है यानि प्रेमी जोड़ो के लिए साल भर एक बार आने वाला सबसे खास दिन जिसे हर कोई अपने तरीके से अपने पार्टनर के साथ सेलिब्रेट करना चाहेगा वंही कुछ प्रेमी पंच्छी ऐसे भी है जो इसी बहाने उड़ान भरेंगे सब ठीक है लेकिन फिर भी ये सवाल उठता है कि जितनी आसानी से हम किसी के लिए कुछ महसूस करने लगते है और कब कोई हमारे दिन के इतने करीब आ जाता है उतना ही मुश्किल है उसे बयाँ कर पाना लेकिन यथार्थ में जो सबसे मुश्किल है वो है किसी भी रिश्ते के लिए जिम्मेदार होना जिसकी वजह से रिश्तों की बुनियाद गहरी होती है आप में से कोई नहीं चाहेगा कि चीज़े अचानक से उस तरीके में बदले कि आपका दिल टूटे या फिर आपकी उम्मीदे खत्म हो क्योकि हमारी जिन्दगी में हम जीने के लिए सबसे ज्यादा जिस चीज़ का उपयोग करते है वो है हमारे अनुभव | ” बुरे अनुभव लिए कोई भी इन्सान समाज में एक अच्छा योगदान कभी नहीं दे पाता ” क्योकि उसे अपने पिछले अनुभवों से जुडी असुरक्षा की भावना घेर लेती है  और उसे लगता है क्या पता पीछे की गलतियाँ फिर से न दोहरायी जाएँ मुझसे |

जबकि मैं आपको बताऊ किसी भी रिश्ते की basic समस्या है उस रिश्ते में अपने साथी से बहुत अधिक expectations रखना जो कि एक सहज मानवीय वृति है लेकिन हम ये कर लेतें है और ये स्वाभाविक भी है लेकिन किसी भी स्थितिवश अगर ऐसा संभव नहीं होता कि आपको लगे अपने जो उम्मीदे अपने साथी से रखी है उनमे वो पूरा नहीं आता तो अधीर होने की जगह विवेक से कम लें और कोशिश करें कि इसके पीछे की वजह क्या हो सकती है क्योकि ऐसा भी तो हो सकता है कुछ ऐसा हो जो आपके साथी को आपसे शेयर करने में परेशानी हो रही हो जबकि आप ये समझकर उसके लिए चीज़े आसान कर सकते है और इसी बहाने अपनी care और इसके लिए आप उसके लिए कितनी परवाह करते है ये भी जाहिर हो जाता है क्योकि हमारे प्यार का पैमाना ये नहीं होना चाहिए कि हमारा साथी दिन में हमसे कितनी बार ” i love you” बोलता है या फिर वो हमारे लिए महंगे गिफ्ट लेके आता है जबकि शादीशुदा जिन्दगी में आप देखें तो एक पति जो इतना लापरवाह है कि उसे “अपनी रुमाल तक धोने में जोर आता है वो अपनी पत्नी की सेहत अच्छी नहीं होने की दशा में बाल्टी भरके कपड़े धोने बैठ जाता है | ” तो ये दिन में हज़ार बार  ” i love you” कहने से भी बेहतर तरीका है अपने साथी के लिए प्यार और परवाह जताने का |

सबसे ख़ास बात कि क्या अपने कभी सोचा है कि क्यों आप अपने साथी से इतनी अपेक्षाएं रखते है और क्यों आपको उनसे अलग होने का ख्याल आता है जब वो आपकी अपेक्षाओ पर खरा नहीं उतरते जबकि जो रिश्ते हमने नहीं बनाये होते उनको निभाने में हमारा अधिक योगदान रहता है और हम हर स्तर पर उनको निभाना चाहते है फिर चाहे हमारी अपेक्षाएं उनसे पूरी होती हो या नहीं जैसे कि मम्मी पापा ,भाई बहन या दुसरे खून के रिश्ते जबकि लाख मनमुटाव होने की दशा में संकट की घडी में आप उनके साथ खुद को पाते है तो यही आप अपने चुने रिश्तों में भी तो कर सकते है अगर इतनी ही शिद्दत से आप अपने चुने हुए रिश्तो को निभाए तो मेरे ख्याल से समस्याओं का दौर ही खत्म हो जाता है |

मैंने किसी पत्रिका में एक लेख पढ़ा उसकी कुछ लाइन्स मैं आपसे साझा करना चाहूँग

” प्यार डूब रहा था उसने मदद के लिए पुकारा तो सबने मना कर दिया | अमीरी ने मेरी नाव में दौलत के बाद जगह ही नहीं बची | दुःख बोला मैं तो अपने से ही परेशान हूँ | सौंदर्य ने दुत्कार दिया तुम भीग गये हो मुझसे दूर ही रहो | अंत: में समय ने प्यार की सहायता की और यही सच है समय ही प्यार की कीमत पहचानता है | “

मेरा एक जुमला है जिसे मैं अक्सर प्रयोग करता हूँ कि ” आप किसी को सबसे कीमती क्या दे सकते है तो जवाब है आपका अपना समय है जो आप किसी को दे सकते है और यही किसी भी अन्य दुनियावी चीजों से परे मायने रखता है ”

किसी भी रिश्ते से उम्मीदे स्वाभविक है लेकिन उनका एक स्तर होना चाहिए और आपसी बेहतर समझ के आधार पर ही हम ऐसे रिश्ते कायम कर पाते है जिनकी बुनियाद गहरी हो और किसी भी मुश्किल घडी में साथ कभी न छूटे |