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समझ का फेर और परछाई – Wisdom story for kids in Hindi

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Wisdom story for kids in Hindi – एक आदमी तालाब के किनारे हर रोज़ घूमने जाया करता था | यही उसका रोज का काम था एक दिन पानी के अंदर की एक मछली ने उसे देखा तो उसकी परछाई देख कर सोचने लगी आदमी वो होता है जिसके सिर नीचे और दो पैर जो है उलटे होते है | क्योंकि पानी के अंदर हमारी परछाई हमेशा उलटी बनती है इसी वजह से मछली को ऐसा लगा | लगातार उसने कई दिनों तक उस आदमी की परछाई को देखा तो उसकी यही धारणा मजबूत हो गयी |

एक दिन वो आदमी नदी के किनारे घूम रहा था तो मछली पानी की सतह पर थी और उसने देखा कि आदमी का सिर आज ऊपर है और पैर जो है वो नीचे की तरफ है तो वो सोचने लगी कि जरुर आदमी कोई आसन कर रहा है नहीं तो हमेशा ये ऐसा नहीं दिखता तो मछली को लगा कि है ऐसा ही है उसकी धारणा और मजबूत हो गयी |

इसी तरह हम जिन्दगी में भी जन्म के बाद से जिन पैमानों के साथ जीते है बड़े होते है वही हमारे लिए सच बन जाते है लेकिन ऐसा बहुत गलत हो सकता है किसी विषय के बारे में गहनता से जाने बिना उसके बारे में कोई आम धारणा बना लेना और उसे फॉलो करना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है इसलिए किसी भी विषय के बारे कुछ भी निर्धारित समझ बनाने से पहले आप उस बारे में अच्छे से जान लें |